विधि-विधान पूर्वक हुआ भगवान जगन्नाथ के मुकुट एवं नील चक्र का पूजन
रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ धारण करेंगे रत्नजड़ित मयूर पंख मुकुट
प्रयागराज, 14 जुलाई (हि.स.)। श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति ट्रस्ट द्वारा आर्य भवन, जीरो रोड में भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र जी के मुकुटों का विधि-विधान पूर्वक पूजन तथा पुरी धाम से आए भगवान जगन्नाथ जी के पावन नील चक्र का पूजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार को पूजन ट्रस्ट के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने विधि-विधान से पूजा की।
रथयात्रा संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया कि आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाले श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ जी रजत (चांदी) का श्री मुकुट धारण करेंगे, जो रत्नजड़ित मयूर पंखों से सुशोभित होगा।
उन्होंने बताया कि भगवान बलभद्र जी ‘ताहिया’ नामक मुकुट धारण करेंगे, जिसमें रत्नजड़ित शेषनाग की दिव्य छवि दिखाई देगी। वहीं देवी सुभद्रा जी ‘किरीट’ नामक मुकुट धारण करेंगी, जो रत्नजड़ित चंद्रिका से अलंकृत होगा।
उन्होंने आगे बताया कि सायंकाल भगवान जगन्नाथ जी को स्वल्पाहार एवं औषधियुक्त काढ़े का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद आरती एवं पूजन कर श्रद्धालुओं ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर दाऊ दयाल गुप्ता, गगन दास गुप्ता, जयराम गुप्ता, कन्हैया लाल गुप्ता, संजय गुप्ता, पप्पू कलश, अमर रस्तोगी, राजेश केसरवानी, त्रिलोकी केसरवानी, विजय वैश्य, राजू गुप्ता, यथार्थ, कार्तिकेय, दीपू, महेश सोनी, अरुण साहू, पूनम गुप्ता, प्रीति गुप्ता, अजय अग्रहरि सहित अनेक श्रद्धालु एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

