home page

बांकेगंज बवाल : प्रधान के अधिकार सीज, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

 | 

खाद गड्ढों के विवाद में उग्र भीड़ के हमले के बाद प्रशासन अलर्ट, प्रधान की भूमिका संदिग्ध मिलने पर बड़ी कार्रवाई

लखीमपुर खीरी, 16 अप्रैल (हि.स.)। बांकेगंज विकास खण्ड के ग्राम पंचायत ग्रन्ट नम्बर-10 में खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जे को लेकर उपजे विवाद के बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कड़ा रुख अपनाया है। 14 अप्रैल को हुए घटनाक्रम में उग्र भीड़ द्वारा पुलिस एवं प्रशासनिक टीम पर हमला किए जाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भूमि प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई। प्रधान को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित समय पर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। उप जिलाधिकारी, गोला द्वारा प्रेषित आख्या में भी घटना में प्रधान श्रीमती विजय लक्ष्मी की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के अंतर्गत प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।

तीन सदस्यीय समिति संभालेगी कार्यभार

डीएम ने बीडीओ बांकेगंज को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन हेतु तीन सदस्यों की समिति गठित करने का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए, जिससे प्रशासनिक कार्य बाधित न हों।

15 दिन में पूरी होगी विस्तृत जांच

प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए डीएम ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें 15 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित अंतिम आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भूमि संबंधी तथ्यों के परीक्षण के लिए तहसीलदार सदर को भी जांच में सहयोग करने को कहा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव