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पुण्य तिथि पर याद की गईं छायावादी कवयिती्र महीयसी महादेवी वर्मा

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पुण्य तिथि पर याद की गईं छायावादी कवयिती्र महीयसी महादेवी वर्मा


फर्रुखाबाद,11 सितंबर (हि.स.)। हिंदी साहित्य की महान कवयित्री महीयसी महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘अभिव्यंजना’ के तत्वावधान में रेलवे रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। साहित्यकारों, रचनाकारों एवं समाजसेवियों ने महादेवी वर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान और व्यक्तित्व को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परियोजना निदेशक कपिल कुमार ने महादेवी वर्मा के जीवन और साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की ऐसी विभूति हैं, जिनकी रचनाओं में संवेदना, करुणा, प्रकृति-प्रेम और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि महादेवी जी का साहित्य आज भी नई पीढ़ी को जीवन के प्रति संवेदनशील होने तथा समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखने की प्रेरणा देता है। उनकी कहानियों और रचनाओं में निहित जीवन-संदेश वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

अभिव्यंजना संस्था के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महादेवी वर्मा की स्मृतियों को नमन करना तभी सार्थक होगा, जब हम उनके साहित्यिक आदर्शों को अपने जीवन और सृजन में उतारें। उन्होंने कहा कि रचनाकारों को महादेवी जी के साहित्य से प्रेरणा लेकर काव्य एवं गद्य लेखन में मौलिकता, संवेदना और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता देनी चाहिए। साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना और मानवीय चेतना को जागृत करना भी है।

कार्यक्रम संयोजक समाजसेवी संजय गर्ग ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, रचनाकारों एवं समाजसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महादेवी वर्मा जैसी महान साहित्यिक विभूतियों की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य और उसकी महान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों एवं रचनाकारों ने मुख्य अतिथि कपिल कुमार को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार महेश पाल सिंह ‘उपकारी’, सत्यनारायण सिंह ,रामऔतार शर्मा ‘इंदु’, डॉ. राजेश हजेला,विनय अग्रवाल , निमिष टंडन, वैभव सोमवंशी ‘सुभग’, नलिन श्रीवास्तव, भाजपा नेत्री चित्रा अग्निहोत्री, सिमरन सिंधी सहित अनेक साहित्यकार, रचनाकार एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन युवा रचनाकार वैभव सोमवंशी ‘ने किया।

महादेवी वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित साहित्यकारों ने संकल्प लिया कि हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने तथा नई पीढ़ी में साहित्य, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं के प्रति रुचि जागृत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर