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फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण से किसानाें की बढ़ेगी आय, महिलाएं भी होंगी आत्मनिर्भर : डॉ राजेश राय

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फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण से किसानाें की बढ़ेगी आय, महिलाएं भी होंगी आत्मनिर्भर : डॉ राजेश राय


कानपुर, 25 फरवरी (हि.स.)। फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और ग्रामीण महिलाएं भी इन कृषि गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बन सकती हैं। यह बातें बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजेश राय ने कही।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, दिलीप नगर में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुरुआती सत्र में विशेषज्ञों द्वारा पराली प्रबंधन, मिट्टी स्वास्थ्य संरक्षण तथा रोग प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रगतिशील कृषक चरण सिंह ने किसानों को पराली के महत्व और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, जबकि उचित प्रबंधन से भूमि की सेहत में सुधार होता है। उन्होंने किसानों से पराली प्रबंधन की तकनीकों को अपनाने की अपील की।

केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर तथा बेलर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग के लाभ बताए। उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर देते हुए फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप