कानपुर में ब्रिटिशकालीन नहर पुल का हिस्सा ढहा, बड़ा हादसा टला
कानपुर, 31 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में साढ़-कुड़नी मार्ग पर बरगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना ब्रिटिशकालीन पुल रविवार भोर में अचानक क्षतिग्रस्त होकर बीच से टूट गया। पुल का मध्य भाग नहर में समा जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है। हालांकि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति या वाहन मौजूद न होने से बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था। उसके समानांतर नया पुल निर्माणाधीन है। इसके बावजूद पुराने पुल से लोगों का आवागमन जारी था। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 दिन पहले नहर की पटरी कटने और पानी निकासी में दिक्कत आने के बाद पुल पर खतरे के संकेत दिखाई देने लगे थे लेकिन संबंधित विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन नए पुल की किनारे वाली कोठियों में लोहे के पाइप और अन्य सामग्री पड़े रहने से कूड़ा-करकट जमा हो गया था। इसके कारण पानी की निकासी सीमित हो गई और नहर में पानी का दबाव बढ़ता चला गया। हाल के दिनों में नहर में अधिक पानी छोड़े जाने से बहाव और तेज हो गया, जिसका असर पुराने पुल की नींव पर पड़ा। आखिरकार आज पुल का बीच वाला हिस्सा भरभराकर गिर गया।
ग्रामीणों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते पुल की स्थिति का आकलन कर मरम्मत या आवागमन बंद किया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। उनका कहना है कि शनिवार को अधिकारियों ने क्षेत्र का जायजा भी लिया था, लेकिन पुल की गंभीर हालत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
पुल टूटने के बाद प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए पास में बन रहे नए पुल से अस्थायी रूप से आवागमन शुरू करा दिया है। हालांकि पुल की रेलिंग और कुछ अन्य कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने और नहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नहर विभाग के जेई आशीष पाल ने बताया कि पुल काफी वर्ष पुराना था। तेज जल प्रवाह के कारण उसका हिस्सा ढह गया। उन्होंने कहा कि पास में नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है और फिलहाल उसी के माध्यम से आवागमन शुरू करा दिया गया है। शेष कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

