home page

गंगा एक्सप्रेसवे : मां गंगा की तरह यूपी की तकदीर संवारेगा, भरेंगी तिजोरियां और मिलेगा रोजगार

 | 
गंगा एक्सप्रेसवे : मां गंगा की तरह यूपी की तकदीर संवारेगा, भरेंगी तिजोरियां और मिलेगा रोजगार


लखनऊ, 29 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गंगा एक्सप्रेस के रूप में उत्तर प्रदेश को एक बड़ी सौगात दी और इसे लाइफलाइन बताया। सच में यह एक्सप्रेस वे अपने नाम के अनुरूप प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक परिदृश्य को संवारेगा। मेरठ से प्रयागराज तक के सफर को सुगम बनाने वाले इस एक्सप्रेस के निर्माण में 36 हजार 230 करोड रुपये खर्च हुए हैं । अब कुल 594 किमी की यात्रा को मात्र छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 519 गांवों से गुजरता है। इसके दोनों ओर आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित कराने की तैयारी है। इतना ही नहीं यह एक्सप्रेसवे 6-लेन (जिसे 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है) धार्मिक स्थलों के लिए भी महत्वपूर्ण होने वाला है।

मात्र छह घंटे में पूरा हाेगा 594 किमी का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में गंगा एक्सप्रेस का शिलान्यास किया था। आज बुधवार काे मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की उपस्थिति उन्होंने ही इसे जनता को समर्पित कर एक बड़ा संदेश दिया है कि डबल इंजन की सरकार अपने वचन को पूरा करती है। इस एक्सप्रेसवे के शुरु हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर मेरठ से पूर्वी छोर प्रयागराज तक की कुल 594 किमी को मात्र छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। पहले यह दूरी 12 घंटे में तय होती थी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 519 गांव से होकर गुजरा है। इसके निर्माण में 36 हजार 230 करोड़ व्यय हुए हैं। इस एक्सप्रेसवे में 14 लंबे पुल बने हैं। इनमें हापुड़ में गंगा नदी पर 900 मीटर और बदायूं में रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल भी शामिल हैं। इसके अलावा सात रेलवे ओवरब्रिज, 32 फ्लाईओवर और 453 अंडरपास शामिल हैं।

इन एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा

लोकार्पण में प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया है कि यह गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से आगे जाएगा और मेरठ से सीधे हरिद्वार को जोडा जायेगा। इसके साथ—साथ इसे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेेस, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक से जोड़ा जा रहा है। कुल मिलाकर यह सब कनेक्ट होने से उत्तर प्रदेश में एक ऐसा इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तैयार होगा, जो बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से देश का सबसे बडा कनेक्टविटी वाला एक्सप्रेसवे होगा। देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब लगभग 60 फीसदी हो गयी है।

झूमेगी यूपी इकोनॉमी

इस एक्सप्रेस पर केवल यात्री वाहनों की ही आवाजाही नहीं होगी बल्कि इससे प्रदेश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। मेरठ और प्रयागराज के साथ—साथ उन्नाव, हरदोई, संभल, हापुड़ जैसे कई जिलों में एक जिला एक उत्पाद के तहत बड़ी संख्या में उद्योग धंधे लगे हैं और इन तक कच्चा व तैयार माल पहुंचाने में समय और लागत अधिक आती थी, लेकिन अब न केवल समय बचेगा बल्कि लागत भी कम आयेगी। इससे अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास होगा और सरकार की तिजाेरी भरेगी। युवाओं काे अधिक से अधिक राेजगार के अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, अनाज व फल मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेंगे और अच्छा मुनाफा मिलेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर तीन किमी की एयरस्ट्रिप

इस एक्सप्रेसवे में शाहजहांपुर के पास लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनायी गयी है। इस पर न केवल वायुसेना युद्धाभ्यास कर सकेगी बल्कि आपात स्थिति में भी इसका बेहतर उपयोग किया जा सकता है। अभी 22 व 23 अप्रैल को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वायुसेना ने लगातार दो दिन तक युद्धाभ्यास किया था। इस दौरान कई फाइटर जेट उतरे थे। गंगा एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। इस पर चलने वाले वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है।

एक नजर में गंगा एक्सप्रेसवे

शिलान्यास वर्ष— 18 दिसंबर 2021कितनी लागत— 36320 करोड़कितने समय में बना— 5 सालकितने जिले और गांव— 12 जिलों के 519 गांवमेरठ से प्रयागराज की दूरी— 594 किमीसफर में लगने वाला समय—लगभग 5 घंटेउद्घाटन तिथि— 29 अप्रैल 2026

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह