समानता, शिक्षा और भाईचारे का संदेश देने वाले थे फुले और कस्तूरबा : महानगर अध्यक्ष
कानपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। ज्योतिबा फुले और कस्तूरबा गांधी के विचार आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हैं, हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समानता, शिक्षा और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।” तिलक हाल में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। यह बातें शनिवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कही।
कानपुर महानगर कांग्रेस द्वारा तिलक हाल में महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कस्तूरबा गांधी की जयंती श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने की, जबकि संचालन शांतनु दीक्षित ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के माध्यम से समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ सशक्त आंदोलन चलाया तथा महिला शिक्षा और दलित उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
वक्ताओं ने कस्तूरबा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सत्य, अहिंसा तथा त्याग के मार्ग पर चलकर महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे इन महान विभूतियों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज सेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

