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विपक्षी दल महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक करते हैं :  पंकज चौधरी

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विपक्षी दल महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक करते हैं :  पंकज चौधरी


लखनऊ, 30 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही को राज्यपाल दीर्घा में उपस्थित रहकर देखा। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस महत्वपूर्ण विषय पर भाजपा की गंभीरता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। विधानसभा में महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाले इस विषय पर चर्चा के बीच भाजपा ने इसे देश और प्रदेश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

कार्यवाही के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विपक्ष के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक करते हैं। केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर आधारित है और इसमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को इस बात का डर है कि यदि महिला आरक्षण प्रभावी रूप से लागू हो गया तो उनकी तुष्टिकरण की राजनीति समाप्त हो जाएगी और वास्तविक विकास की राजनीति को मजबूती मिलेगी।

विपक्ष महिलाओं के नाम पर केवल राजनीति करते रहे, लेकिन उन्हें वास्तविक अधिकार देने का साहस नहीं दिखा सके। वहीं भाजपा ने न केवल महिला आरक्षण कानून पारित किया, बल्कि विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी किया है।

आज समाजवादी पार्टी के नेता जिस प्रकार अल्पसंख्यक महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उससे उनका वास्तविक चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “जब सपा के लोग अल्पसंख्यक महिलाओं की बात कर रहे हैं तो वे स्वयं ही बेनकाब हो गए हैं, क्योंकि देश का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। संविधान की मूल भावना समानता और न्याय पर आधारित है, न कि तुष्टिकरण पर।”

उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी इसे नारी सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानती है। भाजपा का स्पष्ट मत है कि समाज के हर वर्ग की महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार मिलना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन