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कानपुर मंडल में 1.19 लाख से ज्यादा बेघर गोवंश को मिला सहारा

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कानपुर मंडल में 1.19 लाख से ज्यादा बेघर गोवंश को मिला सहारा


-पशुपालकों को घरों में गोवंश रखने के लिए हर महीने मिल रहे 1500 रुपये

-तय लक्ष्य से 35 फीसदी आगे निकला पूरा मंडल, फर्रुखाबाद और इटावा ने जमीनी काम में बनाई सबसे बड़ी बढ़त

कानपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल 'निराश्रित गोवंश संरक्षण एवं सहभागिता योजना' का असर कानपुर मंडल के गांवों में पूरी तरह दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे कानपुर मंडल में बने बड़े गोसंरक्षण केंद्रों में कुल 1,19,135 गोवंश को लाकर सुरक्षित किया जा चुका है।

इस पूरी योजना की खास बात यह है कि बेघर पशुओं को केवल गौशालाओं के भरोसे छोड़ने के बजाय सीधे गांव के लोगों को इस मुहिम का हिस्सा बनाया गया है। वर्तमान में मंडल के 10,601 पशुपालक इस सहभागिता योजना का सीधा लाभ ले रहे हैं, जिनके घरों पर 20,434 गोवंश को सुपुर्द किया गया है। इन पशुओं के चारे और भरण-पोषण के लिए सरकार किसानों को 1500 रुपए प्रति पशु हर महीने के हिसाब से सीधे उनके खातों में दे रही है।

फर्रुखाबाद और इटावा सबसे आगे

पूरे कानपुर मंडल में पशुपालकों को गोवंश सौंपने का कुल लक्ष्य 15,106 रखा गया था, जिसके सामने अब तक 20,434 पशु सुपुर्द किए जा चुके हैं। इस काम में सबसे आगे फर्रुखाबाद जिला चल रहा है, जहां 3,502 पशु देने के लक्ष्य के सामने प्रशासन ने 5,468 पशु किसानों को सौंप दिए। फर्रुखाबाद में इस समय कुल 17,978 पशुओं को अलग-अलग केंद्रों में सहारा मिला हुआ है।

दूसरे नंबर पर इटावा जिला है, जिसने कमाल का उत्साह दिखाते हुए तय लक्ष्य 2,122 के मुकाबले 3,248 पशु किसानों के हवाले किए। इटावा में इस समय कुल 18,953 पशु संभाले जा रहे हैं। वहीं औरैया जिले ने भी तेजी दिखाते हुए 1,648 के लक्ष्य के सामने 2,274 पशु किसानों को सौंपे और 37 फीसदी ज्यादा काम कर दिखाया। औरैया में कुल 18,444 पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है।

कानपुर नगर भी लक्ष्य से काफी आगे

महानगर कानपुर नगर ने भी अच्छी तेजी दिखाई है। यहां 3,897 के लक्ष्य के मुकाबले 4,970 पशु सहभागिता योजना के तहत लोगों को दिए गए हैं, जो लक्ष्य से 27 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, कुल गोवंश को सुरक्षित ठिकानों पर लाने के मामले में कानपुर नगर पूरे मंडल में सबसे ऊपर है, जहां विभिन्न केंद्रों में कुल 31,280 गोवंश को आश्रय मिला हुआ है।

कानपुर देहात में जमीन पर जरूरत को देखते हुए उम्मीद से दोगुना काम हुआ है। जिले में निराश्रित पशुओं की जो अनुमानित संख्या 8,095 सोची गई थी, उसके मुकाबले 17,148 पशुओं को केंद्रों में सुरक्षित किया गया है। सहभागिता में भी यहाँ 1,298 के लक्ष्य के सामने 1,593 पशु सुपुर्द किए गए हैं। वहीं इत्र की नगरी कन्नौज ने भी अपनी रफ्तार धीमी नहीं होने दी और 2,639 के लक्ष्य के मुकाबले 2,881 पशु ग्रामीणों को सौंपकर अपना काम पूरा किया है, यहां कुल 15,332 पशु सुरक्षित हैं।

अपर निदेशक, पशुपालन, कानपुर मंडल डॉ. विजयवीर ने बुधवार को कहा कि मंडल के सभी जिलों ने लक्ष्य से बढ़कर काम किया है। विभाग की टीमें लगातार गांवों में जाकर पशुओं के स्वास्थ्य और चारे की निगरानी कर रही हैं, ताकि हर पात्र किसान को इस योजना का पूरा लाभ मिलता रहे और योजना का संचालन पूरी तरह पारदर्शी बना रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप