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ओटीटी और डिजिटल दौर में फिल्म इंडस्ट्री युवाओं के लिए बड़ा करियर विकल्प बन चुकी है : डॉ. दिवाकर अवस्थी

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ओटीटी और डिजिटल दौर में फिल्म इंडस्ट्री युवाओं के लिए बड़ा करियर विकल्प बन चुकी है : डॉ. दिवाकर अवस्थी


कानपुर, 27 मई (हि.स.)। तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ फिल्म इंडस्ट्री युवाओं के लिए तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन चुकी है। कैमरा, एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वर्चुअल प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। यह बातें बुधवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमए फिल्म पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से बताया गया कि यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम युवाओं को फिल्म निर्माण और डिजिटल मीडिया की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। कोर्स के माध्यम से छात्रों को फिल्म मेकिंग, चरित्र अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग, पटकथा लेखन और वीडियो प्रोडक्शन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वीएफएक्स, रियल-टाइम वर्चुअल प्रोडक्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने फिल्म उद्योग की कार्यशैली को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे में विश्वविद्यालय युवाओं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। कोर्स की वार्षिक फीस 51,200 रुपये निर्धारित की गई है तथा कुल 30 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पाठ्यक्रम केवल थिएटर आधारित सिनेमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों को ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिजिटल कंटेंट निर्माण की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप भी तैयार करेगा। पाठ्यक्रम में स्क्रीन राइटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, निर्देशन, एसोसिएट निर्देशन, एनीमेशन और मल्टीमीडिया प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभाग की शिक्षिका डॉ. रश्मि गौतम ने बताया कि वर्तमान समय में इंटरएक्टिव मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने फिल्म जगत को नए आयाम दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरएक्टिव बोर्ड, कंप्यूटर लैब, मल्टीमीडिया लैब और आधुनिक एडिटिंग रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि छात्रों को व्यावहारिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप