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नारी वंदन अधिनियम का विरोध महिलाओं के सम्मान का अपमान : अनीता गुप्ता

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नारी वंदन अधिनियम का विरोध महिलाओं के सम्मान का अपमान : अनीता गुप्ता


कानपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। नारी वंदन अधिनियम का विरोध महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का अपमान है। जो लोग इस बिल को रोकना चाहते हैं, वे महिलाओं की भागीदारी से डरते हैं। आज देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं। यह कानून महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। विपक्ष की सोच महिलाओं के विकास के खिलाफ है। यह बातें शनिवार को राज्य महिला आयोग सदस्य अनीता गुप्ता ने कही।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद में विपक्ष द्वारा बिल गिराए जाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद नरेश उत्तम के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं और उन्होंने आक्रोश जताते हुए आवास के बाहर चूड़ियां फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और विपक्ष के रुख की तीखी आलोचना की। उनका कहना था कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।

जिला मीडिया प्रभारी संजीव बेरी ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही, जो यह दर्शाता है कि महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और अब किसी भी तरह के विरोध को स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक सशक्त संदेश है।

जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि नारी वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के ऐतिहासिक कदम का विरोध करना महिलाओं के हितों के खिलाफ है और यह उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

कार्यक्रम में अनीता त्रिपाठी, मोना शुक्ला, पुष्पा तिवारी, सुनीता देवी, प्रस्तावना तिवारी, पार्षद विद्या वर्मा, शालू कनोजिया, मधु तिवारी, वंदना गुप्ता, ममता राजपूत, सुषमा चौहान, प्रेमलता, सुमन सिंह, अर्चना, वंदना देवी, सरस्वती सरकार, स्नेहलता सहित अनेक महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप