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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत पहली बार नई नौकरी देने में नोएडा प्रदेश में अव्वल

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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत पहली बार नई नौकरी देने में नोएडा प्रदेश में अव्वल


नोएडा, 12 जून (हि.स.)। पहली बार नौकरी देने में नोएडा प्रदेश में अव्वल रहा है। इसके बाद ग्रेटर नोएडा और मेरठ हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी और दोबारा नौकरी पाने वाले लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इनके बैंक खातों में योजना के तहत निर्धारित प्रोत्साहन राशि भी पहुंचनी शुरू हो गई है।

कंपनियों की पंजीकरण प्रक्रिया कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक एक अगस्त 2025 से अभी तक 5785 कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पंजीकृत हुई हैं। हालांकि कुल 6478 कंपनियों को योजना से जोड़ा जाना है। बाकी कंपनियों की प्रक्रिया चल रही हैं। पंजीकृत कंपनियों में पहली बार नौकरी पाने वाले लोगों की संख्या 1,37,824 दर्ज की गई है। दोबारा नौकरी पाने वाले लोगों की संख्या 4,55,622 है।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडे ने कहा कि दोबारा नौकरी देने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। हालांकि इनमें उन्हीं कंपनियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिनमें एक व्यक्ति को हटाकर दूसरे कर्मचारी को न रखा गया हो, बल्कि नया पद सृजित किया गया हो। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले अधिकतर कर्मचारियों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि पहुंच गई है। जो शेष हैं, उनके खाते में भी राशि पहुंच जाएगी।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक रोजगार-संबंधित प्रोत्साहन योजना है, जो एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने वाले युवाओं और रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को वित्तीय लाभ प्रदान करती है। वे युवा जो एक अगस्त 2025 और 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार ईपीएफओ में पंजीकृत हुए हैं। कर्मचारियों को एक महीने के ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये है। यह राशि दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त छह महीने की लगातार नौकरी पूरी करने पर और दूसरी किस्त 12 महीने पूरे करने के बाद कर्मचारी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाती है। कंपनियों को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो वर्ष तक प्रदान करने का प्रावधान है। विनिर्माण क्षेत्र में अतिरिक्त रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को यह लाभ चार साल तक के लिए दिया जाता है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से मिली जानकारी के मुताबिक 19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभार्थियों से बात कर सकते हैं। इसमें कुछ लाभार्थियों से वे दिल्ली के विज्ञान भवन में बात करेंगे। इसमें गौतमबुद्ध नगर से लगभग 80 लाभार्थी शामिल होंगे। वहीं बाकी लाभार्थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। देश के 200 शहरों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाभार्थी भी जुड़ेंगे। सेक्टर 62 स्थित नेशनल ओपन स्कूल में 300 और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में लगभग 400 लाभार्थी एकत्रित होंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी