मानसून की बारिश में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र में रहें सक्रिय : जितेंद्र प्रताप सिंह
कानपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर नियमित निरीक्षण करें और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह बातें मंगलवार को निचली गंगा नहर, कानपुर प्रखंड कार्यालय में औचक पहुंचने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।
निचली गंगा नहर, कानपुर प्रखंड कार्यालय में आज जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के औचक पहुंचने पर अधिशासी अभियंता समेत कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मानसून के दौरान नहरों और तटबंधों की निगरानी जैसे संवेदनशील समय में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने चार सहायक अभियंताओं, तीन लिपिकों और एक सींचपाल के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए, जबकि अधिशासी अभियंता से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।
अधिशासी अभियंता के अधीन कार्यरत सहायक अभियंता सार्थक, प्रशांत वर्मा, राम प्रकाश और विनोद कुमार कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। उनकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। वहीं, उपस्थिति पंजिका की जांच में सींचपाल संजय कुमार गुप्ता तथा लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, एन.के. पटेल और ज्योति खन्ना भी अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को आज के लिए अनुपस्थित मानते हुए नियमानुसार एक दिन के वेतन की कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित सभी से अलग-अलग स्पष्टीकरण लेकर तीन दिन के भीतर तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत की जाए। अधिशासी अभियंता से भी यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वर्षा ऋतु जैसे संवेदनशील समय में उनके साथ सभी सहायक अभियंता बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित क्यों थे और क्षेत्र में नहरों एवं तटबंधों की निगरानी किस प्रकार कराई जा रही थी।
कार्यालयीय व्यवस्था की भी कई कमियां सामने आईं। सहायक अभियंता नियमित रूप से उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे और कार्यालय में भ्रमण पंजिका भी उपलब्ध नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मूवमेंट रजिस्टर तैयार कराने तथा कार्यालय से बाहर जाने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के भ्रमण का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी राजपत्रित अधिकारियों को प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी नहरों, तटबंधों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थलों का तत्काल स्थलीय सत्यापन कर संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर, कटान और तटबंधों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा वर्षा ऋतु के दौरान अधिशासी अभियंता और सभी सहायक अभियंताओं की क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय करने, अधिकारियों के मोबाइल नंबर और वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था अद्यतन रखने तथा केवल अभिलेखों के बजाय नियमित स्थलीय भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पटल सहायकों के कार्यों की समीक्षा के दौरान कई कर्मचारी अपने दायित्वों से जुड़े सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिस पर जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

