सीएसजेएमयू परिसर में लागू हुआ 'नो हेलमेट, नो एंट्री' अभियान : प्रो. विनय कुमार पाठक
कानपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। सड़क सुरक्षा को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। 'नो हेलमेट, नो एंट्री' अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार समाज का निर्माण करना है। यह बातें रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
विश्वविद्यालय ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में 'नो हेलमेट, नो एंट्री' अभियान लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब परिसर में दोपहिया वाहन से आने वाले सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट परिसर में प्रवेश करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यालय आदेश जारी कर सभी विभागों, संकायों, संस्थानों और कार्यालयों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी साधन है। इसलिए विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य को स्वयं हेलमेट पहनने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से सड़क सुरक्षा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें, मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और यातायात संकेतों का सम्मान करें। उनके अनुसार यह अभियान सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

