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मेट्रो कॉरिडोर-2 की नौवीं ट्रेन सीएसए डिपो पहुंची : सुशील कुमार

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मेट्रो कॉरिडोर-2 की नौवीं ट्रेन सीएसए डिपो पहुंची : सुशील कुमार


कानपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। कॉरिडोर-1 की सभी 29 मेट्रो ट्रेनों की डिलीवरी के बाद अब कॉरिडोर-2 की ट्रेनों का आगमन भी तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में नौवीं ट्रेन की अनलोडिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। कॉरिडोर-2 डिपो का निर्माण भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है और इसकी वर्कशॉप लगभग तैयार हो चुकी है। आने वाले समय में डिपो में परिचालन से जुड़े विभिन्न परीक्षण किए जाएंगे। यह बातें गुरुवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कॉरिडोर-2 की नौवीं ट्रेन के सीएसए परिसर स्थित निर्माणाधीन डिपो पहुंचने पर कहीं।

कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) की नौवीं ट्रेन की अनलोडिंग सीएसए परिसर स्थित निर्माणाधीन डिपो में सुरक्षित रूप से पूरी कर ली गई। गुजरात के सावली स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में ‘मेक इन इंडिया’ की परिकल्पना के तहत निर्मित इस ट्रेन के पहुंचने के साथ प्रस्तावित 10 में से नौ ट्रेनों की डिलीवरी पूरी हो गई है। पहली ट्रेन पिछले वर्ष नवंबर में कानपुर पहुंची थी।

कानपुर मेट्रो की प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होते हैं। करीब 40 टन वजनी इन अत्याधुनिक कोचों को विशेष क्रेन की सहायता से सावधानीपूर्वक डिपो के कोच अनलोडिंग ट्रैक पर उतारा गया।

कॉरिडोर-2 की ट्रेनों के रखरखाव और प्रबंधन के लिए सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन डिपो का काम भी तेजी से चल रहा है। डिपो की वर्कशॉप लगभग 99 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। वर्कशॉप की छत के लिए करीब 15 मीटर ऊंचे, 153 मीटर लंबे और 33 मीटर चौड़े क्षेत्र को कवर करने वाले पर्यावरण अनुकूल प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) स्ट्रक्चर का इरेक्शन पूरा हो चुका है।

छत में ट्रांसलूसेंट शीट का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दिन में प्राकृतिक रोशनी उपलब्ध होगी और बिजली की खपत कम होगी। वर्कशॉप में ट्रेनों के नियमित निरीक्षण, तकनीकी जांच, रखरखाव और मरम्मत के लिए दो इंस्पेक्शन बे लाइन तथा दो वर्कशॉप बे लाइन तैयार की गई हैं। इसके अलावा पिट व्हील लेथ का इंस्टालेशन भी पूरा हो चुका है।

सुशील कुमार ने बताया कि डिपो में परिचालन से जुड़े विभिन्न परीक्षण किए जाएंगे, जिनके लिए सभी विभागों के समन्वय से कार्य किया जा रहा है। डिपो को जीरो वेस्ट डिस्चार्ज आधारित बनाया जा रहा है। इसमें जल संरक्षण की भी व्यवस्था की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप