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शिशु को जन्म के पहले छह महीने तक केवल मां का दूध चाहिए : डॉ. सलमान खान

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शिशु को जन्म के पहले छह महीने तक केवल मां का दूध चाहिए : डॉ. सलमान खान


लखनऊ, 01 अगस्त (हि.स.)। विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के तहत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तर प्रदेश, आईसीडीएस और यूनिसेफ के साथ मिलकर शनिवार को प्रदेश भर में परिवारों, समुदायों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच जागरूकता फैलाने और स्तनपान की आदतों को मजबूत बनाने के लिए वेबिनार श्रृंखला की पहली कड़ी सफलतापूर्वक आयोजित की गयी।

विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है और इस साल की थीम है - स्तनपान: जीवन की टिकाऊ शुरुआत, जो कारगर है उसे और मजबूत करें।

तकनीकी सत्र में डॉ. सलमान खान (बाल रोग विशेषज्ञ, वीरांगना अवंतीबाई अस्पताल, लखनऊ) ने बताया कि शिशु को जन्म के पहले छह महीने तक केवल माँ का दूध चाहिए- पानी भी नहीं, गर्मी में भी नहीं। साथ ही सही पोजीशन, भूख के शुरुआती संकेतों को पहचानना और माँग पर स्तनपान कराना ज़रूरी है।

डॉ. भूपेन्द्र शर्मा (बाल रोग विशेषज्ञ, बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर) ने प्रतिभागियों को स्तनपान सुरक्षा ऐप के बारे में बताया, जिससे कोई भी नागरिक सीधे उल्लंघन की शिकायत कर सकता है। उन्हाेंने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान और छह महीने तक केवल स्तनपान, बच्चे के जीवन और विकास की रक्षा के लिए सबसे कारगर उपाय हैं।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है - यह दर 2021 में एनएफएचएस-5 (NFHS-5) के 23.9% से बढ़कर 2024 में एनएफएचएस-6 (NFHS-6) में 43.1% हो गई है, यानी 19.2 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी। संस्थागत प्रसव में भी लगातार सुधार हुआ है, जो प्रसव के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के बढ़ते उपयोग को दिखाता है - यह दर एनएफएचएस-6 में 85.9% रही।

यूनिसेफ के न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट रबी नारायण परही, एनएचएम के जनरल मैनेजर डॉ. मिलिंद वर्धन, एनएचएम में मातृ स्वास्थ्य की जनरल मैनेजर डॉ. डिक्सिट, आईसीडीएस की उप निदेशक डॉ. अनुपमा शानादिल्य, और डीजी हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर से जेडी आरसीएच डॉ. ए.के. सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन