आईटीबीपी जवानों ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचकर जताया विरोध, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
कानपुर, 23 मई (हि.स.)।। कानपुर में आईटीबीपी के जवानों ने साथी जवान की मां के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। चार दर्जन से अधिक जवानों के अचानक पहुंचने से कुछ देर के लिए परिसर में किसी काे कुछ समझ नहीं आ रहा था और पुलिसकर्मी पशाेपेश में थे। मामले में सीएमओ ने दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं और संयुक्त टीम गठित की गई है।
महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी मां निर्मला देवी का टाटमिल स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हाथ में संक्रमण फैल गया, जिसके बाद हाथ काटना पड़ा। विकास के मुताबिक 13 मई को मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईटीबीपी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया था। रास्ते में जाम लगने के कारण वह उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान हालत बिगड़ती चली गई।
बाद में उन्हें पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण बढ़ने के चलते हाथ काटने की बात कही। विकास सिंह ने अस्पताल पर गलत इंजेक्शन लगाने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
इसी मामले को लेकर शनिवार को आईटीबीपी के कई जवान अपने अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। अब पुलिस, आईटीबीपी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम पूरे प्रकरण की जांच करेगी।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन ताडा ने बताया कि जवान अपॉइंटमेंट लेकर आए थे। मेडिकल रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति थी, जिसके बाद नई जांच कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

