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वाराणसी : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ने बीएचयू में छात्रों से किया संवाद, कुलपति संग की बैठक

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वाराणसी : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ने बीएचयू में छात्रों से किया संवाद, कुलपति संग की बैठक


—विश्वविद्यालय उपलब्ध व्यवस्थाओं को जानने के साथ ही आवश्यकताओं को लेकर की बैठक

वाराणसी, 21 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आदि के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास एवं आयोग के निदेशक उत्तम प्रकाश ने भ्रमण किया। डॉ पार्थ ने परिसर में भ्रमण के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों, विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, पदों की स्थिति तथा शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

परिसर स्थित केंद्रीय कार्यालय समिति कक्ष में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्ति का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में सदस्य के रूप में होना विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नियमों एवं कानूनों से संबंधित विषयों को समझने के लिए खुले मन से संवाद आवश्यक है। आयोग के सदस्यों के अनुभव एवं ज्ञान का उपयोग करते हुए विभिन्न विषयों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि बीएचयू में अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लगभग 300 शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस समुदाय के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी के साथ प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने नियमित संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विभिन्न विषयों को समझने और उनके समाधान के नए रास्ते तलाशने में सहायता मिलती है।

बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास ने विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न आंकड़ों एवं सूचनाओं के संकलन का उल्लेख किया। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रवेश के समय फीस जमा करने, छात्रवृत्ति आदि से संबंधित विषयों की जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने शैक्षणिक मार्गदर्शन, परामर्श एवं सहयोग से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी दी।

डॉ. पार्थ बिस्वास ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनकी आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र योजना के विद्यार्थियों से वार्ता की। सदस्यों ने विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए संचालित गतिविधियों पर संतोष जताया, अपने प्रवास के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बीएचयू के लिए प्रस्थान किया। विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के संपर्क अधिकारी एवं उपकुलसचिव मोतीचंद प्रसाद ने कार्यक्रम का समन्वय और बैठक का संचालन प्रो. आर.एन. खरवार ने किया। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव, परीक्षा नियंता डॉ. अवधेश कुमार, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, प्रो. प्रो. ललिता बट्टा, प्रो. आर.के. लोधवाल सहित विभिन्न इकाइयों के संयुक्त कुलसचिव, उपकुलसचिव, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी