राष्ट्रीय खेल दिवस पर झांसी में ओलंपियन व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हुए सम्मानित
झांसी, 29 अगस्त (हि.स.)। हॉकी के जादूगर पद्मभूषण मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उनके समाधि स्थल हीरोज क्रीड़ांगन में आयोजित कार्यक्रम का भव्य समापन एवं सम्मान समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित मेजर ध्यानचंद फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन किया गया तथा देश के ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित ‘ध्यानचंद गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 1980 मास्को ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, वरिष्ठ ओलंपियन एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह रहे। समारोह में पूर्व न्यायाधीश ग्वालियर उच्च न्यायालय अनिल वर्मा, जिलाधिकारी गौरांग राठी, बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल मैनेजर संतोष कुमार तथा संजीव कुमार, एसीएम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय खेल दिवस के इस विशेष अवसर पर ओलंपियन अशोक कुमार ध्यानचंद सहित अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों राजकुमार ध्यानचंद, अब्दुल अजीज, जानेश्वर खान, हसरत कुरैशी, सुबोध खांडेकर, नेहा सिंह, वीरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, उमेश सिंह, ज्योति परिहार, केतन कुशवाह, शिवम आनंद और कौशल सिंह को उनके खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ध्यानचंद गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रसिद्ध पदयात्री तारक पारकर को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में सांसद अनुराग शर्मा, नीति शास्त्री, पार्षद कन्हैया कपूर, रामकिशन निरंजन, विवेक सिंह और संजीव सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन खेल समीक्षक बृजेंद्र यादव, बैतूल से पधारे वरिष्ठ खिलाड़ी रमेश भाटिया एवं नीति शास्त्री ने किया।
इससे पूर्व मेजर ध्यानचंद के जन्मोत्सव के अवसर पर जीआईसी मैदान में आयोजित मेजर ध्यानचंद फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। फाइनल में जीसीएफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्री गणेश फुटबॉल क्लब को 3-0 से पराजित कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया।
जीसीएफसी की ओर से रैन शक्ति यादव ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद आदित्य ने दूसरा गोल दागकर बढ़त मजबूत की, जबकि निशांत वर्मा ने तीसरा गोल कर टीम की शानदार जीत पर मुहर लगा दी।
मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली झांसी में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह खेल जगत के लिए यादगार रहा, जहां एक ओर महान खिलाड़ियों के योगदान को सम्मान मिला तो दूसरी ओर फुटबॉल प्रतियोगिता के माध्यम से युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

