कांग्रेस—सपा की महिला विरोधी नीति के कारण संसद में गिरा विधेयक : अजय मिश्र 'टेनी'
- पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर विपक्ष को घेरा
लखीमपुर खीरी, 19 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र 'टेनी' ने रविवार काे कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्षी दलों की स्त्री विरोधी सोच के कारण ही संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पास नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने केवल इसलिए इस बिल का विरोध किया ताकि महिलाएं लोकतंत्र में आगे न बढ़ सकें।
वे रविवार को भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। भाजपा नेता ने बताया कि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। वोटिंग के दौरान एनडीए गठबंधन को 298 मत मिले, जो बहुमत से 5 वोट अधिक थे, जबकि विपक्ष के पाले में 230 मत पड़े। पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण यह ऐतिहासिक बिल गिर गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 2029 से ही आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए 16 अप्रैल से विशेष सत्र का आह्वान किया था, लेकिन विपक्ष के 'महापाप' के कारण अब इसे 2034 से पहले लागू करना संभव नहीं होगा।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अजय मिश्र ने दावा किया कि आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। वहीं, जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को डर था कि इस बिल का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को मिल जाएगा, इसलिए उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर आघात किया है। उन्होंने कहा कि जनता ने संसद की कार्यवाही में विपक्ष का असली चेहरा देख लिया है और महिलाएं समय आने पर इसका करारा जवाब देंगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिला महामंत्री राजेश सिंह, मनोज वर्मा, रामजी मौर्य, ब्लॉक प्रमुख दिव्या सिंह, जिला मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र मिश्र, संजय मिश्रा, पवन गुप्ता, शरद मिश्र, अभिजात मिश्र, महिला मोर्चा अध्यक्ष संगीता पुरी, संतोष कुमारी, मंजू लता श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष संदीप निगम, सुमित मोदी और अंबरीश सिंह सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव

