नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की नई दिशा में भाजपा का ऐतिहासिक कदम: सीमा द्विवेदी
जौनपुर,13 अप्रैल (हि.स.)। यूपी में भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों को लेकर सोमवार को डाक बगले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की आधी आबादी को राजनीतिक मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का मजबूत माध्यम बनेगा।
सीमा द्विवेदी ने बताया कि संसद के 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित विशेष सत्र में अधिनियम से जुड़ी तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर विचार किया जाएगा। साथ ही नए प्रस्ताव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने की योजना है, जिससे महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित हो सकेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2027 की जनगणना की प्रतीक्षा किए बिना, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने पर मंथन चल रहा है, ताकि वर्ष 2029 के चुनावों में महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की दिशा में अग्रसर हैं। यह अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और भागीदारी का प्रतीक है।
कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि 14 अप्रैल को बूथ स्तर पर महिला संवाद कार्यक्रम, 15-16 अप्रैल को ‘शक्ति वंदन’ पदयात्रा और 18 अप्रैल को विशेष सत्र के उपलक्ष्य में विजय उत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत जिले में ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ और स्कूटी रैलियों का भी आयोजन होगा।
इस अवसर पर टीडी कॉलेज की प्रिंसिपल अर्चना सिंह ने मातृशक्ति से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान से जुड़कर विकसित भारत के संकल्प को साकार करें। उन्होंने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण पहल का समर्थन करें।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता को नई ऊंचाई प्रदान करेगा, जिससे देश के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

