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लोक भाषा दिवस पर नागरी मातृभाषा सम्मान समारोह आयोजित, बादशाह प्रेमी सम्मानित

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लोक भाषा दिवस पर नागरी मातृभाषा सम्मान समारोह आयोजित, बादशाह प्रेमी सम्मानित


लोक भाषा दिवस पर नागरी मातृभाषा सम्मान समारोह आयोजित, बादशाह प्रेमी सम्मानित


देवरिया, 29 जून (हि.स.)। देवरिया नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा सोमवार को लोक भाषा दिवस एवं नागरी मातृभाषा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी और अन्य लोकभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन तथा साहित्यिक योगदान पर चर्चा की गई। समारोह में साहित्यकार बादशाह प्रेमी को नागरी मातृभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। वाणी वंदना नित्यानंद आनंद तथा स्वागत गीत प्रार्थना राय ने प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि भालचंद्र त्रिपाठी ने कबीरदास को स्मरण करते हुए कहा कि लोकभाषाएं भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने कबीर, तुलसी और भोजपुरी की रचनाओं का उल्लेख करते हुए अपनी रचनाओं और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशिष्ट अतिथि भूषण त्यागी ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद साहित्यकार बादशाह प्रेमी को प्रशस्ति-पत्र, उत्तरीय और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने भोजपुरी की कई चर्चित कविताओं और व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेमशीला शुक्ल ने कहा कि हिंदी एक व्यापक भाषा है, जिसकी विभिन्न बोलियां उसकी समृद्धि का आधार हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान लोग अपनी मातृभाषा के रूप में भोजपुरी का उल्लेख करें, जिससे इसे उचित पहचान मिल सके। इसके बाद सरोज कुमार पांडेय ने भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं।

सभा अध्यक्ष डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी ने समारोह की सफलता पर सभी को बधाई दी। सभा के मंत्री ने कहा कि कबीर लोकभाषा भोजपुरी के मेरुदंड हैं, इसलिए उनकी जयंती पर लोक भाषा दिवस का आयोजन विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के संयोजक अखिलेश जायसवाल ने अतिथियों और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन रविकांत मणि त्रिपाठी ने किया।

समारोह में पार्वती देवी, रंजीता श्रीवास्तव, रमिता जायसवाल, आर्यावर्ती सरोज आर्या, एम.पी. गोड़, सौदागर सिंह, गोपाल जी त्रिपाठी, क्षमा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक