बंद मिलों की जमीन पर आईटी हब बनाने की योजना हो तैयार : सांसद
कानपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। कानपुर की बंद पड़ी मिलों की जमीन पर आईटी हब और रोजगारपरक परियोजनाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। इसके लिए विशेष कमेटी बनाने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और कानूनी विवादों का समाधान कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है। यह बातें गुरुवार को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने कहीं।
कानपुर कभी देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल था। यहां की कपड़ा मिलों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों से हजारों लोगों को रोजगार मिलता था, लेकिन समय के साथ कई मिलें बंद हो गईं। इनमें ऐतिहासिक लाल इमली मिल भी शामिल है। सांसद रमेश अवस्थी ने बंद मिलों के परिसरों का नए सिरे से इस्तेमाल कर शहर में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की पहल की है।
सांसद के मुताबिक, बंद मिलों की जमीन पर आईटी हब और दूसरी रोजगारपरक परियोजनाएं विकसित करने की संभावनाओं का आकलन किया जाना चाहिए। इससे निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से पहले जमीन के स्वामित्व, कानूनी अड़चनों और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति स्पष्ट करना जरूरी होगा।
रमेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने बंद मिलों के पुनरुद्धार का मुद्दा लोकसभा के शून्यकाल में उठाया है। इसके अलावा कॉमर्स कमेटी की बैठक में भी इस विषय को रखा गया। उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी इस संबंध में बातचीत होने की जानकारी दी।
सांसद ने मांग की कि पुनरुद्धार की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। साथ ही विशेष कमेटी गठित कर नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बन सके। उन्होंने बंद मिलों की जमीन और भवनों का विस्तृत ब्योरा तैयार कर संभावित परियोजनाओं का खाका बनाने पर भी जोर दिया। अब इन प्रस्तावों पर सरकारी स्तर पर कार्रवाई और ठोस कार्ययोजना का इंतजार है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

