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मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम आहार, स्तनपान में देरी न करें : डॉ. सीमा द्विवेदी

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मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम आहार, स्तनपान में देरी न करें : डॉ. सीमा द्विवेदी


कानपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। मां का दूध नवजात शिशु के लिए पहला, संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार है। जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना तथा छह माह तक केवल मां का दूध देना शिशु के स्वस्थ विकास के लिए बेहद जरूरी है। यह बातें गुरुवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहीं।

विश्व स्तनपान सप्ताह (एक अगस्त से सात अगस्त) के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आज पैरामेडिकल स्टाफ के लिए स्तनपान प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं प्रमाणपत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 60 नर्सिंग कर्मियों को स्तनपान से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं और व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना, जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध देना तथा इसके बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना शिशु के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है।

कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरव त्रिपाठी ने मां और शिशु के लिए स्तनपान के वैज्ञानिक लाभ बताए। डॉ. शैली अग्रवाल ने सही पोजीशन और उचित तरीके से स्तनपान कराने का प्रदर्शन किया। डॉ. नीना गुप्ता ने स्तनपान के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान बताए, जबकि डॉ. पाविका लाल ने भारत और विश्व में स्तनपान की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

डॉ. रश्मि गुप्ता ने कोलोस्ट्रम को नवजात के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच बताया। डॉ. गरिमा गुप्ता ने ऑपरेशन से प्रसव कराने वाली माताओं में सुरक्षित स्तनपान के उपाय समझाए। डॉ. दिव्या द्विवेदी ने कंगारू मदर केयर की उपयोगिता बताई और डॉ. रश्मि यादव ने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों का निराकरण किया।

कार्यक्रम में मेट्रन मीरा सहित वरिष्ठ एवं जूनियर नर्सिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संचालन डॉ. प्रतिमा वर्मा और डॉ. नूर ने किया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप