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उप्र. क्रिकेट में 'सिंडिकेट' और भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे पूर्व राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा

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उप्र. क्रिकेट में 'सिंडिकेट' और भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे पूर्व राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा


पूर्व मंत्री का आरोप, 25 वर्षों से व्यवस्था पर एक ही सिंडिकेट का कब्ज़ा, प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

यूपीपीएल के ऑक्शन के बाद भी पिछले दरवाजे से चहेतों को टीमों में दी जा रही है अवैध एंट्री

लखनऊ, 11 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व रणजी क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता मोहसिन रज़ा ने 'सेव उत्तर प्रदेश क्रिकेट' मुहिम के तहत उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) में व्याप्त भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश के प्रतिभावान बच्चों के हक की रक्षा के लिए वे इस भ्रष्ट तंत्र और सिंडिकेट के खिलाफ उच्च न्यायालय व देश के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे।

पूर्व मंत्री ने गुरुवार को वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों से लगातार पीड़ित खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और क्रिकेट प्रेमियों की हज़ारों शिकायतें व ई-मेल्स आ रहे हैं। बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) को भी अब तक हज़ारों की तादाद में शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। यूपी क्रिकेट एसोसिएशन जो कि अब एक 'कंपनी लिमिटेड' की तरह काम कर रहा है, वहां सिलेक्शन के नाम पर पैसों का खुला खेल चल रहा है। जो खिलाड़ी पैसे देने में असमर्थ हैं, उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया जाता है।

25 साल पुराना सिंडिकेट और यूपीपीएल में बड़ी धांधली

मोहसिन रज़ा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से एक ही सिंडिकेट पूरे सिस्टम को कैप्चर करके बैठा है और उसने अपने आसपास भ्रष्टाचारी लोगों को भर रखा है। वर्तमान में चल रहे उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग (यूपीपीएल) में भी वही पुराने चेहरे घूम-फिरकर कोच, मेंबर, सदस्य या मैनेजर बनकर आ गए हैं जो पिछले 25 साल से इस व्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहे हैं। हद तो तब हो गई जब यूपीपीएल के ऑक्शन (नीलामी) समाप्त होने के बाद भी पिछले दरवाजे से नियमों को ताक पर रखकर चहेते खिलाड़ियों को टीमों में शामिल करने की अवैध छूट दी गई, जो सीधे तौर पर जमीन से जुड़े प्रतिभावान बच्चों के हक पर डाका है।

भारतीय क्रिकेट टीम के साथ घूम रहे हैं यूपीसीए के दागी चेहरे

पूर्व रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने चिंता व्यक्त करते हुए ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और गंभीर विषय है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट के ये विवादित और भ्रष्ट लोग अब भारतीय क्रिकेट टीम के साथ भी मैनेजर बनकर या अनऑफिशियल तौर पर दौरों पर जा रहे हैं, जिसके वीडियो और फुटेज लगातार सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'खेलो इंडिया' विजन के तहत उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचा और हर संभव सुविधाएं दे रही है। ये लोग उत्तर प्रदेश सरकार की सुविधाओं का लाभ लेते हैं, 'उत्तर प्रदेश' के नाम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन संस्था को 'कंपनी लिमिटेड' बनाकर अपनी मनमानी चलाते हैं। उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों तथा क्रिकेट प्रेमियों की कोई कमी नहीं है जो इस व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ चला सकते हैं।

मोहसिन रज़ा ने बताया कि इस पूरे गंभीर मामले से सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी विस्तार से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने प्रदेश के सभी प्रतिभावान क्रिकेटरों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि वे इस लड़ाई को बीच में रुकने नहीं देंगे और जल्द ही कानूनी रास्ते से इस पूरे भ्रष्ट तंत्र और सिंडिकेट का खात्मा करके रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा