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आधुनिक सिलाई तकनीक से उद्योग के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी : डॉ. सीमा सोनकर

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आधुनिक सिलाई तकनीक से उद्योग के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी : डॉ. सीमा सोनकर


कानपुर, 29 जून (हि.स.)। वस्त्र एवं परिधान उद्योग तेजी से आधुनिक तकनीक अपना रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों को उन्नत मशीनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। यह बातें सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सीमा सोनकर ने वस्त्र एवं परिधान विभाग में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कहीं।

विश्वविद्यालय के गारमेंट कंस्ट्रक्शन लैब में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को उच्च तकनीक वाली सिलाई एवं एम्ब्रॉयडरी मशीनों के संचालन और उनके व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. ऋतु पाण्डेय और डॉ. अंकिता यादव के निर्देशन में किया जा रहा है।

उषा इंटरनेशनल के विशेषज्ञ दीपक निगम ने प्रशिक्षण के दौरान उषा मार्वेला, एल्योर डीलक्स, वंडर स्टिच और वंडर स्टिच प्लस मशीनों की विशेषताओं, संचालन प्रक्रिया और उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को मशीनों पर स्वयं कार्य कर विभिन्न प्रकार की सिलाई, सजावटी टांके, एम्ब्रॉयडरी डिजाइनों और स्मार्ट फीचर्स का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।

कार्यशाला में डिजिटल नियंत्रण प्रणाली, ऑटो थ्रेड कटर, नीडल अप/डाउन सुविधा, विभिन्न स्टिच पैटर्न और आधुनिक परिधान निर्माण में इन मशीनों की उपयोगिता पर भी प्रशिक्षण दिया गया। विश्वविद्यालय के अनुसार तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना और उन्हें उद्योगोन्मुखी कौशल से सशक्त बनाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप