एमएमएमयूटी के इतिहास में नया अध्याय, प्रो. अनुपमा कौशिक बनीं पहली महिला कुलपति
गोरखपुर, 21 मई (हि.स.)। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। विश्वविद्यालय को पहली बार महिला कुलपति के रूप में नेतृत्व प्राप्त हुआ है। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. अनुपमा कौशिक को एमएमएमयूटी का नया कुलपति नियुक्त किया गया है।
प्रो. कौशिक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके इस मनोनयन के साथ ही वह विश्वविद्यालय की पांचवीं कुलपति होंगी। एमएमएमयूटी जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में पहली महिला कुलपति की नियुक्ति को शैक्षणिक जगत में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रो. अनुपमा कौशिक वर्तमान में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में डीन एलुमनी रिलेशंस तथा प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। रासायनिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उनका लंबा और समृद्ध अनुभव रहा है। अध्यापन, शोध, प्रशासनिक नेतृत्व और संस्थागत विकास के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीई, एमई, एमबीए और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उन्हें गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल जैसे सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। यह उनकी मेधा, परिश्रम और अकादमिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
प्रो. कौशिक ने आईआईटी खड़गपुर, आईआईएम कोलकाता और आईआईटी मुंबई जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में नेतृत्व, प्रबंधन और अकादमिक प्रशासन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लिया है। इसके अतिरिक्त ऑस्ट्रिया, फ्रांस और जापान के विश्वविद्यालयों के साथ उनके शोध सहयोग अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दृष्टि और वैश्विक अनुभव को दर्शाते हैं।
शोध, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और संस्थागत उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए पहचानी जाने वाली प्रो. अनुपमा कौशिक से एमएमएमयूटी को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति न केवल विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महिला नेतृत्व की सशक्त उपस्थिति का भी महत्वपूर्ण संकेत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

