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यमुना-बेतवा सेतु निर्माण में देरी पर विधायक का हस्तक्षेप

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यमुना-बेतवा सेतु निर्माण में देरी पर विधायक का हस्तक्षेप


--अधिकारियों से जवाब-तलब कर जवाबदेही तय करने के निर्देश

हमीरपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर मुख्यालय की दोनों प्रमुख नदियों यमुना और बेतवा पर बन रहे समांतर चार लेन सेतु के निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर सदर विधायक मनोज प्रजापति ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा में मामला उठाने के बाद उन्होंने गुरुवार को निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि तीन साल में केवल 25 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। उन्होंने सवाल किया कि जब एक चौथाई काम में ही तीन वर्ष लग गए तो शेष 75 प्रतिशत कार्य कब और कैसे पूरा होगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने कार्य की प्रगति, बजट और गुणवत्ता को लेकर विस्तृत जानकारी ली। विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व की समाजवादी पार्टी सरकार ने बिना पर्याप्त बजट और ठोस तैयारी के 170 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, जबकि मात्र 41 लाख रुपये की स्वीकृति देकर जनता को गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि अब इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराया जाएगा। गौरतलब है कि यमुना नदी और बेतवा नदी पर समांतर चार लेन पुल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन कार्य की प्रगति अपेक्षा से काफी धीमी रही है।

लगातार बढ़ते बजट और निर्माण में हो रही देरी को लेकर भी विधायक ने अधिकारियों से जवाब मांगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन और लोक निर्माण विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जून 2026 तक बेतवा पुल की एक लेन हर हाल में चालू कर दी जाएगी और शेष कार्य में भी तेजी लाई जाएगी। विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जनता की सुविधा सर्वाेपरि है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संसाधन बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा