मिशन एडमिशन 2026: एसएलएसबीटी बना बेहतर विकल्प : डॉ. अनुराधा कालानी
कानपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। संस्थान के पाठ्यक्रम आधुनिक वैज्ञानिक और औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहां विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और शोध के अवसर दिए जाते हैं। इससे छात्र रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रहे हैं और करियर के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं। यह बातें सोमवार को निदेशक डॉ. अनुराधा कालानी ने कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी (एसएलएसबीटी) में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
संस्थान में बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजिकल साइंसेज, लाइफ साइंस, माइक्रोबायोलॉजी कॉम्बिनेशन, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री तथा इंटीग्रेटेड कोर्स संचालित हैं। ये सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिससे छात्रों को बहुविषयक और रोजगारपरक शिक्षा मिलती है।
सह-निदेशक डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि संस्थान के छात्रों ने नेट, गेट और आईआईटी-जेएएम जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है और कई छात्र प्रतिष्ठित कंपनियों व शोध संस्थानों में चयनित हुए हैं। संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, उन्नत उपकरण और अनुभवी संकाय उपलब्ध हैं।
यहां नियमित सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, प्रशिक्षण कार्यक्रम और करियर काउंसलिंग के माध्यम से छात्रों का समग्र विकास किया जाता है। मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, कैंसर बायोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में शोध कार्य छात्रों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

