सोशल मीडिया पर डाले गए भ्रामक पोस्ट से हुआ मजदूराें का प्रदर्शन उग्र : पुलिस आयुक्त
नोएडा, 13 अप्रैल (हि.स.)। नोएडा में सोमवार को श्रमिकों के हुए उग्र प्रदर्शन के बाबत पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि नोएडा के 83 जगहों पर सोमवार को 42 हजार मजदूरों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश जगहों पर मजदूरों से बातचीत करके संयम का परिचय देते हुए मजदूरों को वापस भेज दिया गया। पांच जगह पर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि दो जगह पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि लेबरों का प्रदर्शन शांत होने के बाद गैर जनपद की सीमा से कुछ लोग आए। उनके जत्थे ने श्रमिकों को उग्र करके दोबारा से धरना प्रदर्शन करवाया। उन्होंने बताया कि इस तरह के कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। ऐसे लोगों को पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अगर जो भी कोई हिंसक प्रदर्शन करता है या कानून को हाथ में लेता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ इनफ्लुएंसर ऐसे हैं जो सामान्य होती परिस्थितियों में भ्रामक पोस्ट डालकर मजदूरों को आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहे है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालकर मजदूरों के प्रदर्शन को उग्र करने वाले दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट डाल दिया गया कि पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान गोली चलाई है, जिससे कई श्रमिकों की मौत हो गई है, तथा कई घायल हो गए हैं,जो कि झूठी भ्रामक है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों की पांच मांग में से चार मांग मान ली गई है। एक मांग के लिए औद्योगिक संगठन के लोगों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की समस्या के समाधान के लिए हाई लेवल समिति का गठन किया है। समिति यहां के अधिकारियों, कर्मचारियों और उद्योगपतियों से बातचीत कर रही है। इसके बाद समिति की रिपोर्ट पर श्रमिकों के अन्य समस्याओं का भी जल्द समाधान होगा। उन्होंने श्रमिकों से अपील किया है कि वे शांतिपूर्वक अपना कार्य करें, तथा कानून को हाथ में ना लें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

