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कौशल, गुणवत्ता और रोजगार पर सरकार का फोकस, 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति

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कौशल, गुणवत्ता और रोजगार पर सरकार का फोकस, 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति


मंत्री कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक, कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय

आईटीआई की गुणवत्ता सुधार, उद्यम मेला, मेगा जॉब फेयर और इंडस्ट्री सहभागिता को लेकर दिए गए अहम निर्देश

लखनऊ, 30 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को उत्तर प्रदेश सचिवालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार सृजन तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में कौशल कनेक्ट सेल की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें उद्योगों और युवाओं के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की प्रगति पर चर्चा हुई। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कम उत्तीर्णता प्रतिशत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशिक्षण निदेशालय को निर्देशित किया कि प्रधानाचार्यों एवं संयुक्त निदेशकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर समस्याओं की पहचान की जाए तथा सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार कर 15 दिवस के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।

प्रदेश के नोडल राजकीय आईटीआई संस्थानों में 'उद्यम मेला' आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्तर से किया जाए तथा सभी नोडल आईटीआई में एक ही दिन मेले का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मेले में कैरियर काउंसलरों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डेलॉइट को उद्यम मेले के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। अडानी स्किल्स के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण एवं रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

मंत्री ने आईटीआई प्रवेश अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर मेधावी विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के प्रति प्रेरित किया जाए तथा रोजगार एवं करियर की संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में 1M1B के सहयोग से भविष्य उन्मुख कौशल विकास एवं युवा सशक्तिकरण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण निदेशालय को सभी स्तरों पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर आईटीआई संस्थानों के प्रदर्शन की सतत निगरानी करने तथा निम्न प्रदर्शन करने वाले आईटीआई संस्थानों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों द्वारा आईटीआई संस्थानों का नियमित निरीक्षण, कार्यशालाओं एवं मशीनरी की समीक्षा तथा विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को निर्देशित किया गया कि मेगा जॉब फेयर के अंतर्गत विद्यार्थियों के ऑफर-टू-जॉइनिंग अनुपात का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आईटीआई के नियमित औद्योगिक भ्रमण के आंकड़े, सीएसआर कॉन्क्लेव में सहभागी संस्थाओं की सूची तथा मेगा जॉब फेयर में शेष रिक्त पदों का विवरण डेलॉइट के साथ साझा कर अनुवर्ती कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कौशल विकास, उद्योग सहभागिता, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं रोजगार सृजन को एकीकृत कर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल राज्य बनाया जाए, जिससे एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की प्राप्ति में कौशल विकास क्षेत्र की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित हो सके।

बैठक में डेलॉइट के प्रतिनिधियों सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा