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तेंदुए के हमले से घायल पीड़ितों से मिले कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर,दी सहायता राशि

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तेंदुए के हमले से घायल पीड़ितों से मिले कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर,दी सहायता राशि


बोले-देश की योगी सरकार पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ती, सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर

वाराणसी, 05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के चौबेपुर नवापुरा बस्ती में पिछले वर्ष तेंदुए के हमले से घायल हुए ग्रामीणों से रविवार को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने मुलाकात की।

कैबिनेट मंत्री ने पीड़ित ग्रामीणों के घर पर जाकर उनका कुशलक्षेम जाना और प्रत्येक को एक–एक लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का चेक प्रदान किया। उन्होंने पीड़ितों के परिवारजनों से भी मुलाकात की और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ती। किसी भी तरह की घटना हो, सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर रहती है। जनता की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। सहायता राशि मिलने के बाद पीड़ितों और उनके परिवारजनों ने सरकार और मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला लगभग एक वर्ष पुराना है, जब मई 2025 में चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवापुरा बस्ती में अचानक तेंदुए के आने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। उस दौरान तेंदुए ने तीन ग्रामीणों क्रमशः ग्रामसभा कमौली निवासी सुनील, गौराकलॉ निवासी जयदेव और शंकरपुर (नवापुर) निवासी प्रदीप मौर्य पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त हो गया था और लोग अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे। मई 2025 की वह घटना आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ अचानक खेतों और बस्तियों के बीच देखा गया था। पहले तो लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन कुछ ही घंटों में उसने तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्य कर रहे सुनील, जयदेव और प्रदीप मौर्य पर

झपट्टा मारकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने किसी तरह साहस जुटाकर घायलों को बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। कई दिनों तक चले इस अभियान के दौरान तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री अनिल राजभर ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई थी। उन्होंने घायलों से मुलाकात की थी और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उस समय मंत्री ने यह आश्वासन भी दिया था कि पीड़ितों को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए और अनुग्रह राशि स्वीकृत कराने के लिए स्वयं पहल की थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी