मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग की छापेमारी, कई दुकानों में मिली अनियमितताएं
जौनपुर, 09 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में शासन के निर्देश पर सोमवार को औषधि विभाग की टीम ने जिले के ग्रामीण बाजारों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर विशेष जांच अभियान चलाया। जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने बक्शा विकास खंड के धनियामऊ और बटाऊवीर सहित आसपास के बाजारों में मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस और दवा बिक्री से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। कार्रवाई से क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान कई दुकानों पर नियमों की अनदेखी सामने आई। टीम ने बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री, जरूरी अभिलेखों की कमी और तापमान संवेदनशील दवाओं को रखने के लिए फ्रिज की व्यवस्था न होने जैसी गंभीर अनियमितताओं को चिन्हित किया।सबसे पहले टीम धनियामऊ स्थित गुप्ता मेडिकल स्टोर पहुंची। यहां जांच में पाया गया कि दुकान पर कोई फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था और दवाओं की बिक्री बिना तकनीकी विशेषज्ञ की देखरेख में की जा रही थी। इसके अलावा बिक्री बिल पर मरीजों का विवरण दर्ज नहीं किया जा रहा था, जिससे दवाओं की ट्रेसबिलिटी प्रभावित हो रही थी। इस पर औषधि निरीक्षक ने ड्रग्स रूल 1945 के तहत संचालक को सख्त चेतावनी देते हुए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।इसके बाद टीम ने बटाऊवीर स्थित विजय मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया, जहां सबसे अधिक खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि गंभीर रोगों की दवाएं बिना बिल वाउचर के ही ग्राहकों को दी जा रही थीं। साथ ही दुकान में दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक फ्रिज की व्यवस्था भी नहीं थी। तापमान-संवेदनशील दवाओं के लिए रेफ्रिजरेटर का होना अनिवार्य होता है।इन अनियमितताओं को देखते हुए दुकान संचालक को खामियां दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फर्मों द्वारा कमियां दूर नहीं की गईं तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण के साथ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने तक की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

