home page

कानपुर में तीन अस्पताल तीन सीज, 15 को नोटिस

 | 
कानपुर में तीन अस्पताल तीन सीज, 15 को नोटिस


कानपुर, 06 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले में किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को कल्याणपुर क्षेत्र में अवैध अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी की। इस दाैरान टीम ने तीन अस्पतालों को सीज करते हुए 15 अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) नामित रस्तोगी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कल्याणपुर क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान सबसे पहले गोल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा, जहां पंजीकरण न होने पर उसे तत्काल सीज कर दिया गया। इसके बाद मैग्नस नर्सिंग होम में खामियां मिलने पर उसे भी सील कर दिया। जांच के दौरान कई अस्पतालों में ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिले, जो गंभीर लापरवाही मानी गई। एक स्थान पर मकान में संचालित अस्पताल में जांच के दौरान ऑपरेशन थिएटर के अंदर ही बेड रखा मिला और साथ ही मेडिकल स्टोर भी चलता पाया गया। पहले ओटी को सीज करने के निर्देश दिए गए, लेकिन मौके पर विवाद के बाद पूरे अस्पताल को ही सीज कर दिया गया।

वहीं, नया शिवली रोड स्थित एमपी हॉस्पिटल में बिना रजिस्ट्रेशन सेवाएं संचालित पाई गईं। यहां पहले भी ओटी सीज होने के बावजूद अस्पताल चल रहा था, जिस पर तीन दिन में मरीज शिफ्ट करने के निर्देश देते हुए अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई की गई। कान्हा, लक्ष्मी और गणेश हॉस्पिटल में जांच के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि मैग्नस हॉस्पिटल और वेदा हॉस्पिटल में खामियां मिलने पर नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसीएमओ ने बताया कि किडनी कांड के बाद अवैध अस्पतालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी अनियमितताएं मिल रही हैं, वहां कड़ी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई अस्पतालों में ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिलने और बिना पंजीकरण सेवाएं संचालित होने जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसी प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें अभियुक्त अफजल अपने साथी परवेज़ सैफी के साथ नोटों की गड्डी लिए दिखाई दे रहा है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि वायरल वीडियो को जांच में शामिल किया गया है और अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सभी आरोपित एक संगठित सिंडिकेट के रूप में कार्य कर रहे थे। कुछ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 6-7 आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप