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सामाजिक समरसता स्थापित करने में महावीर स्वामी के विचार प्रासंगिक: स्वांत रंजन

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सामाजिक समरसता स्थापित करने में महावीर स्वामी के विचार प्रासंगिक: स्वांत रंजन


लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर बुधवार को महावीर स्वामी साप्ताहिक मिलन की ओर से “श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव” का आयोजन भगीदारी भवन में किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत—सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह एवं —सामाजिक समरसता स्थापित करने में आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान महावीर का जीवन दर्शन मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अहिंसा एवं सहिष्णुता का संदेश अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके उपरांत भगवान महावीर स्वामी के जीवन एवं उनके उपदेशों पर आधारित संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुंजन जैन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एनबीआरआई के निदेशक अजीत शासने, एस.आर. इंस्टीट्यूट के निदेशक पीयूष सिंह चौहान, अनीता भटनागर जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक कौशल जैन समाज से अभिषेक जैन, संजीव जैन, पी के जैन, अभिनव जैन, आदित्य आयुष, भरत, दिव्य, सत्यम, चेतन,अभिनव शुक्ला, संचि, प्रशांत सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन