माघ मेला : एनसीआर ने 12,075 श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई चिकित्सा
प्रयागराज, 19 जनवरी (हि.स.)। माघ मेला के दौरान प्रयागराज मंडल द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को श्रेष्ठ सुविधाएं मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में सुनिश्चित की गईं। तीर्थराज प्रयाग आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, नैनी एवं सूबेदारगंज स्टेशनों के सभी प्लेटफार्मों एवं यात्री आश्रयों में प्राथमिक चिकित्सा बूथ स्थापित किए गए। प्रयागराज मंडल के स्टेशनों पर कुल 12,075 श्रद्धालुओं-यात्रियों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
यह जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को देते हुए बताया कि इनमें से अधिकांश यात्रियों को हल्की चोट, थकान, सर्दी-खांसी एवं अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए तत्काल उपचार दिया गया। इसके अतिरिक्त प्रयागराज जंक्शन के मेडिकल ऑब्ज़र्वेशन कक्ष से 453 श्रद्धालुओं का प्राथमिक उपचार किया गया एवं 10 मरीजों को प्रयागराज जंक्शन से तथा 02 मरीजों को छिवकी स्टेशन से गंभीर मामलों में प्राथमिक उपचार के उपरांत उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया, जिससे उन्हें समय रहते विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सका।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड में छह बेड का ऑब्ज़र्वेशन रूम स्थापित किया गया है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने हेतु प्रयागराज जंक्शन पर 02, नैनी जंक्शन पर 02 तथा छिवकी स्टेशन पर 01 एम्बुलेंस तैनात की गईं। सभी प्राथमिक चिकित्सा बूथ प्रत्येक मुख्य स्नान पर्व से एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक सक्रिय रहे।
श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय चिकित्सालय में 20 बेड का विशेष माघ मेला मेडिकल वार्ड भी स्थापित किया गया। माघ मेला अवधि के दौरान प्रयागराज जंक्शन सहित मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की 24 घंटे तैनाती की गई है।
अंत में पीआरओ ने बताया कि स्टेशनों के विभिन्न एनक्लोज़र एवं प्लेटफार्म क्षेत्रों में ऑब्जर्वेशन रूम और फर्स्ट एड बूथ के माध्यम से यात्रियों की निरंतर निगरानी की गई। चिकित्सा सेवाओं की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए स्टेशन परिसर में संकेतक, उद्घोषणाओं तथा रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

