मौनी अमावस्या स्नान की अलग यातायात व्यवस्था
प्रयागराज, 17 जनवरी (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध माघ मेला के तीसरे महत्वपूर्ण स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं के आवागमन को लेकर अलग तैयारी की है। त्रिवेणी तट पर पहुंचने के लिए सभी सात प्रमुख मार्गों की निगरानी के अलग-अलग वार रूम बनाया गया है। यह जानकारी शनिवार को अतिरिक्त यातायात पुलिस उपायुक्त पुष्कर वर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि माघ मेले का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण स्नान मौनी अमावस्या का होता है। इस स्नान में करोड़ों श्रद्धालु सुबह चार बजे से रात तक स्नान करेंगे, स्नान के लिए आने वाली भीड़ क़ो देखते हुए पुलिस नें पहले से ही पुख्ता इंतज़ाम किये हैं।
प्रयागराज शहर की सीमा पर कई रूट डायवर्ट किये गए हैं तो शहर में छोटे छोटे चौराहे और तिराहे पर बैरिकेट करके आने और जाने वाले रास्तो क़ो अलग अलग कर दिया गया है।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने पूरा रिसर्च करके श्रद्धालुओं के शहर मे आने और मेला पहुंचने के सभी रास्तों पर अलग अलग एसीपी के नेतृत्व में टीम बनाई है, जो 24 घंटे सड़क पर तैनात हैं। एडिशनल डीसीपी यातायात नें बताया की सभी रास्तों पर बारीकी से जांच करने के बाद रूट तय किये गए हैं। हमारी पूरी कोशिश हैं की श्रद्धालुओं क़ो स्नान घाट तक जाने में कोई परेशानी न हो।
मौनी अमावस्या के स्नान का बड़ा महत्त्व है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनज़र माघ मेले के 3 से 4 किलो मीटर की परिधि में 44 पार्किंग बनाई गई हैं, पार्किंग की पहचान के लिए अलग अलग फोटो भी इस बार बनी है। स्नान करने के बाद लौटने वालों के लिए भी अलग रूट बनाया गया है ताकि आने और जाने वालों की भीड़ एक जगह पर एकत्र न होने पाए। खास ये भी है कि जिन सात रुटों से माघ मेला जाने वाले रास्ते हैं उनके लिए एक वार रूम भी बनाया गया है, जिसमें सीसीटीवी और गूगल मैप के ज़रिये रियल टाइम की स्थिति दिखेगी। अगर इन रुटों पर जाम लगा तो क्यूआरटी टीम मौके पर पहुँच कर स्थिती क़ो नॉर्मल करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

