लखनऊ में 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
लखनऊ, 02 मई (हि.स.)। लखनऊ जनपद के न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मलखान सिंह के मार्गदर्शन में जनसामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए आगामी 9 मई (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय लखनऊ, कलेक्ट्रेट परिसर तथा जनपद की समस्त तहसीलों में किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार संपन्न होगा।
यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत विवादों के निस्तारण का एक प्रभावी वैकल्पिक मंच है, जहां मामलों का समाधान आपसी समझौते के आधार पर किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय को न्यायालय के फैसले के समान मान्यता प्राप्त होती है तथा यह सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती, जिससे विवादों का शीघ्र एवं अंतिम निस्तारण संभव हो पाता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में न्यायालय में लंबित वादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी बिना मुकदमा दायर किए पक्षकारों की सहमति से मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, उपभोक्ता मामले, बैंक रिकवरी, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), श्रम वाद, दीवानी वाद, फौजदारी सुलह योग्य प्रकरण, भूमि अधिग्रहण, स्टाम्प, चकबंदी, किरायेदारी, विद्युत चोरी, जलकर, गृहकर, सेवा एवं सेवानिवृत्ति से संबंधित मामलों सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया जाएगा।
सचिव की ओर से जनसामान्य से अपील की गई है कि वे 09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने विवादों का त्वरित, सस्ता एवं सुलभ समाधान प्राप्त करें तथा न्याय प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने में सहयोग करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

