लोकभारती प्रदेश के तीर्थक्षेत्रों में चलायेगी हरिशंकरी माला अभियान, 24 अक्टूबर काे नैमिषारण्य से हाेगी शुरुआत
-परिक्रमा का शुभारंभ 24 अक्टूबर को प्रात: नौ बजे चक्रतीर्थ नैमिषारण्य में हरिशंकरी रोपित करके प्रारंभ होगा
-हर कोस पर हरिशंकरी लगाते हुए यात्रा का समापन 29 अक्टूबर को
लखनऊ , 21 अक्टूबर (हि.स.)। लोक भारती तीर्थ क्षेत्रों को हरिशंकरी की माला पहनाने का अभियान शुरु करने जा रही है। सबसे पहले नैमिषारण्य में 84 कोस परिक्रमा में यह अभियान पूरा किया जाएगा और इस अभियान में एक ही थाले में हर कोस पर हरिशंकरी (पीपल, बरगद और पाकड़ के पेड़) लगाए जाएंगे। इनकी देखरेख व संरक्षण काम स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतें, जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता करेंगे।
बुधवार को यह जानकारी लोकभारती के अवध प्रांत अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री ब्रजेंद्र पाल सिंह, संगठन सचिव गोपाल उपाध्याय, सह संपर्क प्रमुख सौरभ सिंह और प्रांत संयोजक लोकभारती कमलेश सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस अभियान की जानकारी देते हुए पवन सिंह चौहान ने बताया कि लोकभारती द्वारा उत्तर प्रदेश के चारों परिक्रमा पथों अयोध्या , मथुरा, नैमिषारण्य और चित्रकूट के हर कोस पर हरिशंकरी ( पीपल, बरगद, पाकड़ एक ही थाले में रोपित करना) का अभियान शुरु किया जा रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में 24 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक एक यात्रा का आयोजन नैमिषारण्य के 84 कोस के परिक्रमा पथ पर किया जा रहा है। इस अभियान में प्रत्येक कोस का नामकरण प्रतिनिधि ऋषि के नाम से पूज्य संतों व जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समाज के द्वारा हरिशंकरी रोपण किया जाएगा। हर कोस पर लगने वाले हरिशंकरी को भविष्य में कोस पडाव के रूप में स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ब्रजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि हर कोस पड़ाव पर शासन के द्वारा प्रकाश, जल, प्रसाधन एवं बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इन हरिशंकरी का रोपण समाज के सभी वर्गों को आमंत्रित कर शासन व जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यज्ञ, स्वस्तिवाचन, मंत्रोचार व परिक्रमा आदि के साथ उत्सवपूर्वक किया जाएगा। राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपाल उपाध्याय ने बताया कि परिक्रमा का शुभारंभ 24 अक्टूबर को प्रात: नौ बजे चक्रतीर्थ नैमिषारण्य पर हरिशंकरी रोपित करके प्रारंभ होगा और हर कोस पर हरिशंकरी लगाते हुए यात्रा के स्वरूप में 29 अक्टूबर को समाप्त होगा। उन्होंने आगे बताया कि यात्रा के दौरान स्थान स्घ्थान पर जनसभाओं व उत्सवों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रदेश सरकार के मंत्री,स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पूज्य संतगणों को आमंत्रित किया गया है। इससे पूर्व लोकभारती मथुरा के गोवर्धन परिक्रमा पथ व चित्रकूट के कामदगिरि परिक्रमा पथ पर हरिशंकरी रोपित कर चुका है।
अवध प्रांत के संयोजक कमलेश सिंह ने यात्रा मार्ग की जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा 24 अक्टूबर को चक्रतीर्थ नैमिषारण्य से प्रारंभ होकर कोरौना, द्वारिकाधीश, हरैया, कोथावां, गिरधरपुर, उमरारी, साक्षी गोपालपुर , देवगंवा, मंडरुआ, जरिगंवा, नैमिषारण्य बरेली होते हुए मिश्रिख पर समाप्त होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

