लखनऊ : लापरवाह तीन उपनिरीक्षक लाइन हाजिर, दो चौकी प्रभारी थानों से संबद्ध
- लखनऊ पूर्वी जोन के दो चौकी प्रभारी थानों से संबद्ध, दक्षिणी और मध्य जोन के तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
लखनऊ, 01 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने रात्रि गश्त में लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अलग-अलग जोन में किए गए औचक निरीक्षण और चेकिंग के दौरान ड्यूटी में शिथिलता एवं गैरहाजिरी सामने आने पर दो चौकी प्रभारियों को थानों से संबद्ध कर दिया गया, जबकि तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया है। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से रविवार को कार्रवाई को लेकर जारी पत्र के अनुसार, पूर्वी, दक्षिणी और मध्य जोन में रात्रि गश्त एवं ड्यूटी की आकस्मिक जांच कराई थी। इस दौरान पूर्वी जोन में ड्यूटी के प्रति लापरवाही पाए जाने पर पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने दो चौकी प्रभारियों को उनके वर्तमान तैनाती स्थल से हटाकर संबंधित थानों से संबद्ध कर दिया। इनमें अरावली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अर्चना और कमता चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शशिकांत शामिल हैं।
वहीं, दक्षिणी जोन में रात्रि गश्त के दौरान गैरहाजिर पाए जाने पर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने सरोजनीनगर थाने में तैनात उपनिरीक्षक आशीष कुमार और आरक्षी सतेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसी तरह मध्य जोन में निशातगंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार भी रात्रि गश्त ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। उन्हें भी तत्काल लाइन हाजिर करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने स्पष्ट किया है कि रात्रि गश्त और ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही अथवा गैरहाजिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से रात्रि गश्त की निगरानी और औचक चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि ड्यूटी के प्रति उदासीनता बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि रात्रि गश्त का उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करना, अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखना तथा आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है। इसके लिए सभी जोन के अधिकारियों को पुलिसकर्मियों की ड्यूटी की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

