आपातकाल से मिली सीख, लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम : नीलिमा कटियार
कानपुर, 17 मार्च (हि.स.)। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने देश को लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत समझाई। इस दौर से मिली सीख हमें संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने की प्रेरणा देती है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही एक मजबूत, सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव है। यह बातें मंगलवार को भाजपा विधायक नीलिमा कटियार ने कहीं।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में जनपद स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ। “आपातकाल के 50 वर्ष — भारतीय लोकतंत्र के लिए संदेश” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने प्रभावशाली और ओजस्वी विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. श्याम मिश्रा ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि नीलिमा कटियार ने आपातकाल से जुड़ा अपना अनुभव साझा करते हुए युवाओं को लोकतंत्र के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
अध्यक्षता करते हुए प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने अपने छात्र जीवन के अनुभवों के आधार पर आपातकाल की पीड़ा और उससे मिली सीख को साझा किया।
निर्णायक मंडल में प्रो. राजेश द्विवेदी, डॉ. स्मृति राय, सेवानिवृत्त आईपीएस रतन कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य शामिल रहे। कार्यक्रम में 113 युवाओं ने प्रतिभागिता के लिए आवेदन किया।
प्रतियोगिता में अनुष्का शुक्ला प्रथम, कीर्ति शुक्ला द्वितीय, सुकृति पांडे तृतीय, खिजरा खान चतुर्थ और रश्मि रंजन साहू पंचम स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. द्रौपती यादव ने किया। आयोजन युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सार्थक साबित हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

