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लखपति दीदी की कामयाबी : मिलेट्स और बुकनू के कारोबार ने बदली तकदीर

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लखपति दीदी की कामयाबी : मिलेट्स और बुकनू के कारोबार ने बदली तकदीर


- स्वयं सहायता समूह से 12 लाख के टर्नओवर तक का सफर- बेटा कर रहा आईआईटी की तैयारी, बेटी बन रही डॉक्टर; ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

कानपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'लखपति दीदी' अभियान का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। इसका ताजा उदाहरण हैं पप्पी सचान, जिन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि आज वह लाखों का कारोबार कर रही हैं।

--2013 में शुरू हुआ था सफरघाटमपुर ब्लॉक के गोपालपुर गाँव की पप्पी सचान ने वर्ष 2013 में 'मिलन स्वयं सहायता समूह' से जुड़कर छोटे स्तर पर काम शुरू किया था। शुरुआती दौर में चुनौतियां बहुत थीं, लेकिन सरकारी योजनाओं और समूह के सहयोग से उनकी राह आसान होती गई। समूह के लिए साल 2017 में 50 हजार का लोन मिला, फिर डेढ़ लाख का। साल 2025 में छह लाख रुपये का लोन मिला। इससे कारोबार बढ़ता गया। समूह की महीने में एक लाख से अधिक की कमाई होती है।

--मिलेट्स और बुकनू मसाला बना आधारपप्पी सचान ने अपने व्यवसाय में पारम्परिक स्वाद और आधुनिक मांग का बेहतरीन तालमेल बिठाया है। वह नमकीन और पारम्परिक बुकनू मसाला के साथ-साथ सरकार की प्राथमिकता वाले 'मिलेट्स' (श्रीअन्न) के आटे की पैकिंग और बिक्री का काम करती हैं। उन्होंने एक छोटी पैकिंग यूनिट भी स्थापित की है, जिससे स्थानीय बाजार में उनके उत्पादों की मांग काफी बढ़ गई है। आज उनकी मासिक आय एक लाख रुपये से अधिक है।

--बच्चों की शिक्षा में आया बड़ा बदलावआर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा असर पप्पी सचान के बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। उनके पति रवीन्द्र सचान इस सफलता में उनके साथ खड़े हैं। पप्पी बताती हैं कि आज उनकी बड़ी बेटी श्रेया देहरादून में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, बेटा अनुभव बीएससी के साथ आईआईटी की तैयारी में जुटा है और सबसे छोटी बेटी सृष्टि कक्षा पांच में पढ़ रही है।

--आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यमपप्पी सचान की यह कहानी साबित करती है कि योगी सरकार की नीतियां महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने में कारगर साबित हो रही हैं। पप्पी का कहना है कि अगर उन्हें समूह और सरकारी योजनाओं का साथ न मिलता, तो बच्चों को इतनी अच्छी शिक्षा देना संभव नहीं होता। आज वह गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप