किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों की कृषि वैज्ञानिकों ने दी जानकारी
कानपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और जल संरक्षण के जरिए खेती को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को जागरूक कर रहे हैं। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगा। यह जानकारी शुक्रवार को मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने दी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर के वैज्ञानिकों ने शुक्रवार काे मैथा विकासखंड के अनूपपुर गांव में किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
वैज्ञानिक डॉ. दीपक मिश्रा और डॉ. निमिषा अवस्थी ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, मत्स्य संसाधन प्रबंधन और जलीय कृषि के विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने किसानों को पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के तरीके बताए।
वैज्ञानिकों ने कहा कि मत्स्य पालन और जलीय कृषि को आजीविका के वैकल्पिक साधनों के रूप में अपनाकर किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं। अभियान के माध्यम से किसानों की क्षमता बढ़ाने और उन्नत तकनीकों के प्रति जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रशांत कुशवाहा, परम कमल सहित प्रगतिशील किसान और महिला किसान मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

