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डा. एस राधाकृष्णन का पूरा जीवन ही एक सन्देश है: केशव प्रसाद मौर्य

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डा. एस राधाकृष्णन का पूरा जीवन ही एक सन्देश है: केशव प्रसाद मौर्य


लखनऊ, 05 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग पर महान दार्शनिक, शिक्षाविद व विचारक डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डा०सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए श्री मौर्य ने कहा कि उनका पूरा जीवन ही एक सन्देश है। उनका जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार व उत्थान के लिए बहुत ही अनुकरणीय कार्य किये। उनके विचारों से समाज को , खासतौर से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश व समाज के निर्माण में शिक्षकों के योगदान की चर्चा की। कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि समाज को सही दिशा देने में अहम् भूमिका निभाते हैं। समाज ने शिक्षकों को सम्मान व श्रद्धा के साथ विशेष स्थान देने का कार्य किया। उप मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया और अपील भी की, कि शिक्षक बच्चों को उन लोगो के बारे में बतायें, जिन्होंने संघर्ष से तपकर, जमीन से जुड़कर सफलता प्राप्त की, कहा कि छात्रों को इतिहास व संस्कृति के बारे में जानने के लिए प्रेरित करें, प्रोत्साहित करें।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत विशेष और प्रेरणादायी है। 5 सितम्बर को हम डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमें शिक्षा के महत्व, गुरुजनों के आदर्श और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण कराता है।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में गुरु को गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः के रूप में पूजनीय स्थान दिया गया है। वास्तव में शिक्षक ही वह व्यक्तित्व हैं, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। भावी पीढ़ी के जीवन की दिशा शिक्षक तय करते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक स्वयं कठिनाइयों का सामना कर समाज और देश को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन