केडीए का बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान, 66 बीघा में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
कानपुर, 13 मई (हि.स.)। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बुधवार को प्रवर्तन जोन-थ्री में बड़ी कार्रवाई करते हुए फत्तेपुर क्षेत्र में लगभग 66 बीघा में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। करीब तीन घंटे पैंतालीस मिनट तक चली कार्रवाई में चार जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क, नाला, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, पिलर, एंट्री गेट, सीवर लाइन समेत कई निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई उपाध्यक्ष अंकुर कौषिक और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। केडीए के अनुसार, मनोज सिंह भदौरिया व अन्य लाेगाें ने आराजी संख्या 454, 456, 472, 473, 474, 475, 478 समेत अन्य भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना अनुज्ञा के अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी।
केडीए ने बताया कि फत्तेपुर क्षेत्र में लगभग 66 बीघा में विकसित अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह समाप्त करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल, अमर नाथ यादव, सुपरवाइजर लाल सिंह, राजकुमार, राम औतार, मनोज कुमार, संजय कुमार, राजेन्द्र, ओम प्रकाश तथा संबंधित थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।
इसके अलावा प्रवर्तन जोन-थ्री में छह अन्य अवैध प्लाटिंग को भी चिन्हित किया गया है। इनमें बिनगवां मौरंग मंडी क्षेत्र में महेश यादव पुत्र राम सजीवन यादव द्वारा लगभग दो हजार वर्गमीटर में प्लाटिंग, डॉ. प्रभाकर व अन्य लाेग बिनगवां टीकापुर में लगभग तीन बीघा में प्लाटिंग, धर्मेन्द्र, महेन्द्र व अन्य लाेग रमईपुर में लगभग तीन बीघा में प्लाटिंग शामिल है।
इसी तरह सूरज एण्ड सन्स बिल्डकॉन प्रा.लि. ने बिधनू के सूरज नगर क्षेत्र में लगभग 36 हजार वर्गमीटर में प्लाटिंग, चै. मनी यादव ने सेन पश्चिम पारा में लगभग तीन बीघा तथा श्याम सोसाइटी, जैनेन्द्र यादव, मिथुन सिंह व अन्य लाेगाें ने सेन पश्चिम पारा क्षेत्र में लगभग चार बीघा में अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। केडीए ने इन सभी को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आम लोगों से अपील की कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्लाट या भूमि की खरीद से पहले केडीए से ले-आउट स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें और मानचित्र स्वीकृत कराकर ही निर्माण कराएं, ताकि भविष्य में आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

