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सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक ने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

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सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक ने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा


— पहड़िया स्थित 95वीं बटालियन मुख्यालय में अधीनस्थ अधिकारी मेस का किया उद्घाटन, सैनिक सम्मेलन में जवानों से किया संवाद

वाराणसी, 07 अगस्त (हि.स.)। सावन मास के दूसरे सोमवार के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के विशेष महानिदेशक आईपीएस दीपक कुमार ने शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम एवं ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने अति-संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर में सुरक्षा ग्रिड की बारीकियों का अवलोकन करते हुए वहां तैनात 95वीं बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों को सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा अभेद्य बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विशेष महानिदेशक ने जवानों से ड्यूटी के दौरान हर समय उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों एवं जवानों की कार्यकुशलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि 95वीं बटालियन न केवल अपनी सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का पूरी मुस्तैदी और बहादुरी से निर्वहन कर रही है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

इससे पूर्व विशेष महानिदेशक ने पहड़िया स्थित 95वीं बटालियन मुख्यालय पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बटालियन परिसर में नवनिर्मित 'अधीनस्थ अधिकारी मेस' का विधिवत उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में सीआरपीएफ के मध्य सेक्टर, लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अनिल कुमार, चंदौली रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजय कुमार सिंह तथा 95वीं बटालियन के कमांडेंट आर.एस. बालापुरकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

-सैनिक सम्मेलन में सुनी जवानों की समस्याएं

विशेष महानिदेशक ने बटालियन में आयोजित सैनिक सम्मेलन में भी भाग लिया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने बटालियन द्वारा समय-समय पर संचालित वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, योग शिविर एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सीआरपीएफ की जन-हितैषी और सकारात्मक छवि को समाज के बीच और अधिक सशक्त बनाते हैं। साथ ही उन्होंने बटालियन की सुरक्षा तैयारियों, प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े प्रयासों की भी प्रशंसा की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी