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कानपुर की दिव्या भंडोह 46 वर्ष की उम्र में सेवन समिट्स की ओर, सांसद ने भेंट किया खादी का तिरंगा

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कानपुर की दिव्या भंडोह 46 वर्ष की उम्र में सेवन समिट्स की ओर, सांसद ने भेंट किया खादी का तिरंगा


कानपुर की दिव्या भंडोह 46 वर्ष की उम्र में सेवन समिट्स की ओर, सांसद ने भेंट किया खादी का तिरंगा


कानपुर, 17 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर शहर के पांडु नगर की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही दिव्या भंडोह 46 वर्ष की उम्र में विश्व की सर्वोच्च चुनौतियों को जीतने की राह पर हैं। वे सेवन समिट्स—सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों—को फतह करने के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनके साहस और समर्पण से प्रभावित होकर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने शनिवार को उन्हें खादी का तिरंगा भेंट कर सम्मानित किया।

सांसद रमेश अवस्थी ने दिव्या की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वे महिला सशक्तिकरण की प्रेरक प्रतीक बन चुकी हैं। उन्होंने दिव्या से आग्रह किया कि अगली चोटी पर विजय के बाद इसी खादी के तिरंगे को फहराएं, जिससे खादी और स्वदेशी का संदेश वैश्विक स्तर तक पहुँचे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मिशन पूरा होने पर कानपुर में उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। सम्मान पाकर दिव्या भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा उनके लिए देश की प्रतिष्ठा और कानपुरवासियों के आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे कठिनाइयों से घबराएं नहीं और अपने सपनों को साकार करने का साहस रखें।

दिव्या भंडोह पेशे से सफल इंटीरियर डिजाइनर हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ और वे मानसिक तनाव से गुज़रीं। इसी चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने खुद को मजबूत बनाने के लिए पर्वतारोहण की राह चुनी। 2021 में दयारा बुग्याल ट्रेक से शुरुआत कर उन्होंने 2022 में एवरेस्ट बेस कैंप, 2023 में माउंट किलिमंजारो, 2024 में यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रुस और 2025 में नेपाल की आइलैंड पीक पर विजय प्राप्त की।

अब उनका अगला लक्ष्य दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी माउंट अकोंकागुआ (6,962 मीटर) है, जिसके लिए वे शीघ्र ही रवाना होंगी। दिव्या की यात्रा यह सिद्ध करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से किसी भी उम्र में नई उचाइयां हासिल की जा सकती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप