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प्राकृतिक रोशनी और सौर ऊर्जा से बिजली बचाएंगे कानपुर मेट्रो के नए स्टेशन : सुशील कुमार

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प्राकृतिक रोशनी और सौर ऊर्जा से बिजली बचाएंगे कानपुर मेट्रो के नए स्टेशन : सुशील कुमार


कानपुर, 04 जून (हि.स.)। कानपुर मेट्रो के बारादेवी से नौबस्ता तक निर्माणाधीन पांचों एलिवेटेड स्टेशन डिजाइन, सौंदर्य, पर्यावरण संरक्षण और लागत के लिहाज से अनुकूल हैं। इन स्टेशनों को प्राकृतिक रोशनी और अक्षय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा बचत के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह बातें गुरुवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।

यूपीएमआरसी ने कॉरिडोर-1 के कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक के सेक्शन में पर्यावरण अनुकूल प्रावधान किए हैं। एलिवेटेड स्टेशनों की छतों में प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) स्ट्रक्चर और ट्रांसलूसेंट शीट का उपयोग किया गया है, जिससे दिनभर प्राकृतिक रोशनी उपलब्ध रहेगी और बिजली की खपत कम होगी। कॉनकोर्स लेवल को भी खुला और हवादार बनाया गया है, जहां खिड़कियों और जालियों के अधिक उपयोग से ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक विकसित ग्रीन बेल्ट की तर्ज पर बारादेवी से नौबस्ता तक एलिवेटेड सेक्शन के नीचे लगभग 1200 वर्ग मीटर क्षेत्र में हरियाली विकसित की गई है। मेट्रो डिपो और पूरे कॉरिडोर को मिलाकर अब तक करीब 35 हजार वर्ग मीटर ग्रीन कवर तैयार किया जा चुका है। वर्षा जल संरक्षण के लिए वायाडक्ट के ड्रेनेज सिस्टम से पानी को मीडियन में लगे पौधों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।

कानपुर मेट्रो में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक, कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर आधारित एचवीएसी प्रणाली, एक मेगावाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट, एलईडी लाइटिंग और जीरो डिस्चार्ज सिस्टम जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने सभी संचालित मेट्रो स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग दी है

सुशील कुमार ने कहा कि जीरो कार्बन एमिशन प्रणाली के कारण मेट्रो पर्यावरण की सबसे अच्छी मित्र है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आईआईटी कानपुर मेट्रो स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप