कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 में अंडरग्राउंड ट्रैक बिछाने की हुई शुरुआत : सुशील कुमार
कानपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा 8) में अंडरग्राउंड सेक्शन के भीतर ट्रैक बिछाने की शुरुआत के साथ कानपुर मेट्रो परियोजना ने एक और निर्णायक पड़ाव पार कर लिया है और आने वाले दिनों में इस रूट पर सिविल व सिस्टम से जुड़े कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। जिससे शहर के दक्षिणी हिस्से को मेट्रो कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह बातें शनिवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कही।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) में अंडरग्राउंड सेक्शन के भीतर रेल पटरियों की वेल्डिंग और बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे पहले इसी माह नौ फरवरी को डाउनलाइन टनलिंग का कार्य पूरा किया गया था। टनलिंग पूरी होते ही डिपो रैम्प के माध्यम से एफबीडब्लू (फ्लैश बट वेल्ड) प्लांट को क्रेन की मदद से नीचे उतारकर ट्रैक निर्माण कार्य शुरू कराया गया। वर्तमान में रैम्प से काकादेव स्टेशन के बीच पहली रेल पटरियों की वेल्डिंग कर उन्हें टनल में बिछाया जा रहा है।
ट्रैक बिछाने के बाद स्लैब की ढलाई का कार्य कराया जाएगा। साथ ही सुरक्षा मानकों के तहत डिरेलमेंट गार्ड और थर्ड रेल लगाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। परियोजना अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर-2 के लगभग 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है।कानपुर मेट्रो में बैलास्ट-लेस ट्रैक प्रणाली अपनाई गई है। हेड हार्डेंड तकनीक से बनी रेल पटरियां अधिक टिकाऊ होती हैं और इनके रखरखाव की जरूरत कम पड़ती है। अंडरग्राउंड सेक्शन में कंपन और शोर को कम करने के लिए ट्रैक में मास स्प्रिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।
गौरतलब है कि, 24 किमी लम्बे कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) में से आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 16 किमी रूट पर मेट्रो सेवाएं संचालित हैं। जबकि शेष सेक्शन की अप-लाइन पर ट्रायल रन शुरू हो चुका है। वहीं 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

