माल लदान में कानपुर गुड्स शेड और पनकीधाम की बड़ी उपलब्धि, पहली बार मक्का और डि-आयल केक की लोडिंग : अमित कुमार सिंह
कानपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। कानपुर गुड्स शेड से पिछले चार वर्षों में पहली बार 20 बीसीएन वैगन में मक्का का लदान किया गया है। वहीं, पनकीधाम की नवनिर्मित लाइन संख्या 15 से पहली बार बांग्लादेश के रोहनपुर के लिए 21 बीसीएन वैगन में डि-आयल केक और सिलचर के लिए चार वैगन में चावल का लदान किया गया। यह बातें सोमवार को उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहीं।
प्रयागराज मंडल की ओर से माल परिवहन को बढ़ावा देने और नए ग्राहकों को रेल परिवहन से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत कानपुर गुड्स शेड और पनकीधाम गुड्स शेड में ये उपलब्धियां हासिल की गईं।
उप मुख्य यातायात प्रबंधक, कानपुर अकांशु गोविल के निर्देशन में केंद्रीय माल गोदाम, कानपुर से 20 बीसीएन वैगन में मक्का लादा गया। इससे रेलवे को 16,64,458 रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले चार वर्षों में यह केंद्रीय माल गोदाम से मक्का की पहली रेल लोडिंग है।
वहीं, पनकीधाम गुड्स शेड की नवनिर्मित लाइन संख्या 15 से पहली बार माल लदान शुरू किया गया। यहां से बांग्लादेश के रोहनपुर के लिए 21 बीसीएन वैगन में डि-आयल केक लादा गया। इस लदान से रेलवे को करीब 24 लाख रुपये का मालभाड़ा राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पनकीधाम गुड्स शेड से सिलचर के लिए चार वैगन में चावल का लदान किया गया। इससे रेलवे को 6,71,535 रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ।
मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) शीरत फातिमा के पर्यवेक्षण में माल लदान बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे के अनुसार, इन उपलब्धियों में प्रयागराज और कानपुर की टीमों के बेहतर समन्वय तथा व्यापारिक पक्षों से प्रभावी संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रेलवे की ओर से नई कमोडिटी और नए ग्राहकों को रेल परिवहन से जोड़ने के साथ सड़क की तुलना में सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती रेल परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे मालभाड़ा राजस्व बढ़ने के साथ स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी परिवहन का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

